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गो तस्करी करने वाले गिरोह के चार सरगना सहित 14 गिरफ्तार, हरियाणा से लेकर बंगाल तक जुड़े तार

Mon, 27 Jul 2020 09:34 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • बिहार, पश्चिम बंगाल और हरियाणा तक गोवंश की तस्करी
  • 15 हजार में खरीदते थे गोवंश, मीट विक्रेता कमाते थे 50 हजार
  • गो तस्करों से 255 गोवंश को मुक्त कराया
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तस्करों से मुक्त कराए गोवंश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा की सिकंदरा थाना पुलिस ने गो तस्करी करने वाले गिरोह के चार सरगना को गिरफ्तार किया है। यह सरगना आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद से गोवंश ले जाते थे। इसके बाद बिहार, पश्चिम बंगाल और हरियाणा तक तस्करी करके ले जाते थे। इससे मोटा मुनाफा कमाते थे। पुलिस ने मथुरा और फिरोजाबाद में भी 10 तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनसे 255 गोवंश को मुक्त कराया है। 

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15 जुलाई को सिकंदरा क्षेत्र में एक कैंटर को न्यू दक्षिणी बाईपास पर एक संगठन के पदाधिकारियों ने रोका था। इसमें गोवंश भरे हुए थे। गोकश भागने में सफल रहे थे। मामले में थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया गया था। तब से पुलिस गिरोह की तलाश कर रही थी। क्राइम ब्रांच को लगाया गया था। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार ने बताया कि गायों की तस्करी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना रामपुर के काशीपुर निवासी राशिद, यूसुफ, शिकोहाबाद के गढ़इया निवासी इरफान और गाजियाबाद के लोनी निवासी जब्बार को रुनकता क्षेत्र से शनिवार रात को गिरफ्तार किया है। 

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ऐसे करते थे काली कमाई

पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सरगना राजस्थान के मारवाड़ से गोवंश को चरवाहा बनकर ले जाते थे। सुनसान स्थान पर अपने डेरे जमा देते थे। बड़ी संख्या में गाय डेरा में एकत्रित हो जाती थी, तब रामपुर और मुरादाबाद के गो तस्करों से संपर्क करके गोवंश को कंटेनरों से पश्चिम बंगाल, बिहार, हरियाणा के मेवात में ले जाते थे। एक गोवंश की कीमत तकरीबन 15 हजार रुपये होती थी, जबकि गोकशी से 50 हजार रुपये तक मीट विक्रेता की कमाई होती थी। 

30 घंटे के ऑपरेशन में 14 गिरफ्तार 

गिरोह के सदस्यों को फिरोजाबाद, इटावा और मथुरा में भी पुलिस ने पकड़ा। 30 घंटे में पुलिस ने तीन जिलों से 14 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 255 गोवंश को मुक्त कराया। मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र से नौ गो तस्कर से 193 गाय बरामद की गईं, जबकि फिरोजाबाद में दो गो तस्करों को गिरफ्तार कर 62 गायें बरामद कर लीं। इटावा में पुलिस की घेराबंदी देखकर गोकश दो कंटेनर छोड़कर भाग गए। 
 
यह रही टीम

पुलिस टीम में थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार, क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग प्रभारी इंस्पेक्टर कमलेश सिंह, एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित, एसआई मोहित कुमार, एसआई अमित कुमार, एसआई विनीत पंवार, एसआई हरीश चौधरी आदि हैं। 
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मथुरा और फिरोजाबाद में भी पकड़े गए

मथुरा की बलदेव पुलिस ने मुरादाबाद निवासी आसिफ, अलवर निवासी रंगड़िया, जयपुर निवासी रामकुमार, मुकेश, अर्जुन, राजू, धर्मा, मुकेश और विजय को गिरफ्तार किया है। फिरोजाबाद पुलिस ने अजमेर निवासी मदन और रंगड़िया पुत्र दुर्गा निवासी थाना कैंकड़ी (अजमेर) को जेल भेजा है।
 
पुलिस सत्यापन के बाद ही जाने देगी चरवाहे

एसएसपी ने बताया कि प्रदेश में फसल कटाई और बारिश के मौसम में राजस्थान की ओर से चरवाहे अपनी गायों को लेकर आते हैं। यह राजस्थान से आगरा और मथुरा की सीमा में प्रवेश करते हैं। गोतस्कर इसी का फायदा उठाते थे। पुलिस के पकड़ने पर कहते थे कि पशुओं को चारा खिलाने आए हैं। गो तस्करों के इस गैंग के पकड़े जाने के बाद तय किया गया है कि राजस्थान की ओर से आने वाले हर चरवाहे की पहचान और उनका सत्यापन कराया जाएगा।
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