कॉलेज की ओर से दिए शपथ पत्र और स्थायी मान्यता के पत्र को भी तलब किया गया है। इन सभी की रिपोर्ट बना ली है। एसटीएफ के अनुसार इन कॉलेज संचालकों को एक-एक करके बुलाकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में वर्ष 2022 में 201 कॉलेजों की मान्यता और पाठ्यक्रम स्थायी किए जाने के मामले में एसटीएफ ने रिपोर्ट बनाई है। इसमें कॉलेजों का पूर्ण विवरण जुटाया है। तब प्रभारी कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक ने शपथ पत्र पर ही कॉलेजों में मान्यता और पाठ्यक्रमों को स्थायी मान्यता दे दी थी।
विज्ञापन
प्रो. पाठक के जनवरी से सितंबर तक के कार्यकाल में 201 कॉलेजों पर विशेष मेहरबानी की शिकायत एसटीएफ को मिली थी। इसमें उन्होंने कॉलेजों में भौतिक सत्यापन और मानकों का आकलन किए बिना ही शपथ पत्र पर मान्यता और पाठ्यक्रम को स्थायी कर दिया था। 24 नवंबर को इस मामले को कार्य परिषद की बैठक में रखा गया था, इस पर भी सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए अनुमोदन नहीं किया। इस पर समिति ने उनके निर्णय पर रोक लगा दी थी। इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है और संबद्धता विभाग से इन कॉलेजों का पूर्ण विवरण जुटाया है। इसमें कॉलेज की ओर से दिए शपथ पत्र और स्थायी मान्यता के पत्र को भी तलब किया गया है। इन सभी की रिपोर्ट बना ली है।
एसटीएफ के अनुसार इन कॉलेज संचालकों को एक-एक करके बुलाकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि कार्य परिषद की बैठक में सदस्यों की सहमति के बाद इन कॉलेजों की स्थायी मान्यता के निर्णय पर रोक लगा दी है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने विधि 2021-22 सत्र का परिणाम जारी कर दिया है। इसमें 13 हजार से अधिक छात्र हैं। परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि एलएलबी प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष, बीएएलएलबी प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम वर्ष का परिणाम घोषित कर दिया है। छात्र वेबसाइट पर परिणाम देख सकते हैं।