विश्वविद्यालय का शताब्दी वर्ष समारोह एक जुलाई से प्रारंभ होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर को यादगार बनाने के लिए, विश्वविद्यालय एक विशेष प्रदर्शनी की योजना बना रहा है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी की अध्यक्षता में बृहस्पति भवन, पालीवाल पार्क कैंपस में प्रदर्शनी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में समिति के संयोजक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने विभिन्न गैलरी और स्टॉल समितियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
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कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल एक साधारण आयोजन नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की सौ साल की यात्रा का एक दर्पण होगी। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत, शैक्षणिक उपलब्धियों, सामाजिक उत्तरदायित्वों और राष्ट्र के विकास में इसके अमूल्य योगदान को रेखांकित करना है।
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प्रदर्शनी के स्टॉलों को आकर्षक और प्रेरणादायक बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे आगंतुकों को आकर्षित कर सकें और विश्वविद्यालय के इतिहास से जुड़ने का अवसर प्रदान करें। कुलपति ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय की स्थापना काल से लेकर वर्तमान तक की संपूर्ण विकास यात्रा को दर्शाया जाना चाहिए।
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प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि इस भव्य प्रदर्शनी का आयोजन दीक्षांत पार्क, खंदारी परिसर में किया जाएगा। इस बैठक में प्रो. संजय चौधरी, प्रो. बीडी शुक्ला, प्रो. राजेश कुशवाहा, प्रो. अर्चना सिंह, पूजा सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के कई अन्य महत्वपूर्ण सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रदर्शनी को सफल बनाने हेतु अपने विचार और सुझाव साझा किए। यह प्रदर्शनी छात्रों, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और आम जनता के लिए विश्वविद्यालय के इतिहास और उपलब्धियों को जानने का एक उत्कृष्ट मंच साबित होगी।
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