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आगरा विश्वविद्यालय की इस पहल का छात्रों को मिलेगा खूब फायदा

Fri, 05 Jan 2018 10:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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अागरा ‌व‌िवि - फोटो : अमर उजाला
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डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी की दुर्लभ किताबें आनलाइन उपलब्ध होंगी। विद्यार्थी कहीं भी बैठकर इन्हें पढ़ सकेंगे। एक लाख से अधिक थीसिस, किताबें आदि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी। इनकी स्कैनिंग शुरू हो गई है।
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विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी वर्ष 1951 की है। इसमें उपलब्ध बड़ी संख्या में किताबों का वर्षों से सत्यापन नहीं हुआ है। एक लाख से अधिक किताबें, थीसिस, रिफरेंस बुक, अनसॉल्व्ड पेपर आदि ऐसे हैं, जिनकी अवधि 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है।

इनको संरक्षित करने और पाठकों के लिए उपलब्धता के उद्देश्य से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आर्काइब तैयार किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने ‘डीबीआरएयू इंस्टीट्यूशनल रिपोजिटिरी’ प्लेटफार्म और सर्वर तैयार किया गया है। सारी किताबों को स्कैन करके इस पर डाला जाएगा।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला
साइबर लाइब्रेरी की बढ़ी लोकप्रियता सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष डा. केसरवानी ने बताया कि बड़ी संख्या में किताबों और पाठ्य सामग्री की अवधि 60 वर्ष से अधिक होने से कापीराइट का भी झंझट नहीं है। इन्हें स्कैन कराकर फ्लेटफार्म पर डालना है। पहले चरण में थीसिस को स्कैन करना शुरू कर दिया गया है।

तीन से चार माह में सभी किताबों को स्कैन कराकर फ्लेटफार्म पर डाल दिया जाएगा। कुलपति डा अरविंद कुमार दीक्षित के सकारात्मक रुख के चलते यह कार्य हो पा रहा है। जयप्रकाश सिंह का सहयोग मिल रहा है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर साइबर लाइब्रेरी और न्यूज क्लिप का सेक्शन तैयार किया गया है। इसको देश और

दुनिया में देखा जा रहा है। साइबर लाइब्रेरी में विभिन्न विषयों की करीब दो करोड़ किताबें, जर्नल्स, पत्रिका आदि उपलब्ध हैं। किताबें पीडीएफ फाइल में हैं। इनको करीब 6.5 हजार लोगों ने हिट किया है। न्यूज क्लिप देखने वालों की संख्या 27000 के पार पहुंच गई है।
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