डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आगामी दीक्षांत समारोह में आठ नए पदक और दिए जाएंगे। सात स्वर्ण पदक और एक रजत पदक इसमें शामिल हैं। रविवार को प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में बृहस्पति भवन में हुई कार्य परिषद की बैठक में नए पदकों का सृजन करके उनको मंजूरी दे दी गई।
कार्य परिषद की बैठक में आवासीय इकाई के 14 शिक्षकों को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत वैयक्तिक प्रोन्नति दी गई। डॉ. आरके अग्निहोत्री, डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. जैसवार गौतम, डॉ. बीडी शुक्ला, डॉ. अर्चना सिंह और डॉ. रनवीर सिंह को प्रोफेसर पद पर प्रोन्नत किया गया है। डॉ. सलीम जावेद, डॉ. राजीव वर्मा, मो. हुसैन, डॉ. राजेश कुशवाहा को स्टेज वन से स्टेज टू और स्टेज -टू से स्टेज-थ्री में प्रोन्नत किया गया। डॉ. नीलम यादव, डॉ. रंजीत भारती, डॉ. रितेश कुमार और पल्लवी आर्या को स्टेज वन से स्टेज टू में प्रोन्नत किया गया है।
विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 60 खाली पद राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ़ को दिए जाएंगे। राजभवन में हुई बैठक में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय को निर्देशित किया गया था कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के पद दिए जाएं।
कार्य परिषद में परीक्षा समिति के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी गई। सत्र में विलंब होने की वजह से उसे नियमित करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सत्र 2021-22 की द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं भी ओएमआर आधारित कराने का निर्णय लिया गया। अभ्यर्थी को डेढ़ घंटे में 100 में से 50 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। बीएड वर्ष-2022 प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष, एलएलबी, बीएएलएलबी वर्ष-2022 और एमएड पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं भी ओएमआर आधारित होंगी और इनमें भी अभ्यर्थी को 100 में से 50 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। इसका भी समय डेढ़ घंटे रहेगा।
कार्य परिषद में की बैठक में निर्णय लिया गया कि आवासीय इकाई के (केएमआई, समाज विज्ञान संस्थान व गृह विज्ञान संस्थान को छोड़कर) बाकी संस्थानों में निदेशक का पद भी रोटेशन से दिया जाएगा। तीन नियमित संस्थानों के लिए पहले से अध्यादेश बना हुआ है, उनको छोड़कर बाकी में व्यवस्था लागू होगी। आईईटी, आईटीएचएम, दाऊदयाल वोकेशनल इंस्टीट्यूट, सेठ पदमचंद जैन संस्थान, ललित कला संस्थान व पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में निदेशक का पद है।