डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से दो बड़े कोर्स का बोझ कम हो चुका है। इंजीनियरिंग के सभी कॉलेज पहले ही हट चुके है, मेडिकल कॉलेजों की प्रक्रिया अंतिम चरण है। इसके बाद भी परीक्षा और परीक्षाफल में गलतियों से विद्यार्थी परेशान हैं। विश्वविद्यालय में हर दूसरे माह किसी न किसी कोर्स की परीक्षा होती है।
बीएससी नर्सिंग के छात्रों ने परीक्षाफल में गलतियों के विरोध में प्रदर्शन किया था। इससे पहले भी मेडिकल के विद्यार्थियों ने एक विषय में फेल करने पर कुलसचिव और कुलपति कार्यालय पर धरना दिया था। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि छात्रों की समस्याओं को हल करने के लिए विश्वविद्यालय की तरफ से कोई योजना तैयार नहीं की जाती। इसी वजह से बड़े कोर्स हट रहे हैं।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी बृजेश शर्मा का कहना है कि मेडिकल और अभियांत्रिकी पाठ्यक्रम के संबंधित विवि बनने से छात्रों की संख्या लगातार कम हो रही है। नए कोर्स प्रारंभ करने की दिशा में काम करना चाहिए। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि वार्षिक परीक्षा में हजारों विद्यार्थियों को उत्तीर्ण होने का मौका दिया गया है। परीक्षा और परीक्षाफल को सत्र के हिसाब से कराने का काम हो रहा है।