आगरा के एमजी रोड और हाईवे पर जाम की समस्या को देखते हुए यातायात पुलिस ने नया प्लान बनाया है। ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन 4 जोन में बांटकर किया जाएगा। सिटी को दो जोन में बांटा गया है। ऑटो मालिक और चालक जहां के निवासी होंगे, उन्हें अपना ऑटो उसी इलाके में प्रमुख मार्ग पर चलाने की अनुमति दी जाएगी। जोन से बाहर संचालन करने पर चालान की कार्रवाई होगी। जोन की जानकारी के लिए ऑटो और ई-रिक्शा पर क्यूआर कोड भी लगाया जाएगा। इसके लिए एक एप भी बनाया गया है।
एमजी रोड और हाईवे पर मेट्रो का निर्माण चल रहा है। इसके लिए डिवाइडर पर बैरिकेडिंग की गई है। पीक आवर्स में वाहनों का दबाव बढ़ने पर लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। एमजी रोड पर महानगर बसों के साथ ही ऑटो और ई-रिक्शा भी संचालित होते हैं। स्कूल बस और कारों की संख्या बढ़ने की वजह से वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। इसे लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए बुधवार को डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
डीसीपी ने बताया कि जिले में पंजीकृत ऑटो, ई-रिक्शा की संख्या तकरीबन 35 हजार है। इनमें आधे से ज्यादा का संचालन शहरी सीमा में किया जा रहा है। अधिक संख्या में भगवान टाॅकीज से प्रतापपुरा के बीच चलते हैं। बाकी अन्य रूट पर संचालित होते हैं। कई ऑटो की फिटनेस नहीं है। देहात की जगह पर शहर में चलते हैं। इस वजह से शहर में यातायात का दबाव बढ़ रहा है। मेट्रो के कार्य को देखते हुए नई व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए प्लान बनाया गया है। इसको जल्द लागू किया जाएगा।
क्यूआर कोड से होगी जोन के ऑटो की पहचान
डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि सिटी को दो जोन में बांटा जाएगा। एक जोन भगवान टाॅकीज, रामबाग, बिजली घर, माल सहित शहर के पुराने इलाके का होगा। वहीं दूसरा जोन एमजी रोड-2, भगवान टाॅकीज से सिकंदरा, रुनकता, बोदला, जगदीशपुरा, लोहामंडी, आगरा कैंट, शाहगंज आदि का इलाका होगा। वहीं पूर्वी और पश्चिमी जोन होंगे।
आरटीओ के माध्यम से यह पता किया जाएगा कि ऑटो के मालिक और चालक कहां के रहने वाले हैं? इसके बाद उन्हें क्यूआर कोड जारी किया जाएगा। जोन निर्धारण होने के बाद चालक को उसी में ऑटो का संचालन करना होगा। अगर, जोन से बाहर जाएंगे तो कार्रवाई की जाएगी। क्यूआर कोड स्कैन करने पर जोन की जानकारी मिल जाएगी। डीसीपी सिटी ने एक एप भी यातायात संचालन के लिए बनाया है। उधर जिन वाहनों की फिटनेस नहीं होगी, उन्हें संचालन नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए अलग से चेकिंग होगी। देहात क्षेत्र के ऑटो देहात में ही चलाने दिए जाएंगे। आगरा से बाहर के ऑटो आते हैं तो कार्रवाई होगी।