मुगल शहंशाह शाहजहां का तीन दिवसीय उर्स शुक्रवार से शुरू हो रहा है। 15 अप्रैल तक चलने वाले उर्स में शुक्रवार दोपहर को गुस्ल, मिलाद की रस्म होगी। शाम को कव्वालियां होंगी।
दूसरे दिन शनिवार को दोपहर दो बजे से संदल की रस्म होगी। तीसरे दिन कुल शरीफ और फातिहा पढ़ा जाएगा और पूरे दिन चादरपोशी की जाएगी।
आखिरी दिन ही खुद्दाम ए रोजा कमेटी की ओर से 1111 वर्ग मीटर की हिंदुस्तानी सतरंगी चादर पेश की जाएगी। ताजमहल दक्षिणी गेट के हनुमान मंदिर से यह ताज में प्रवेश करेगी।