मेधा है तो आर्थिक तंगी भी आपके रास्ता का रोड़ा नहीं बन सकती। आगरा के नुनिहाई की प्रगति पुरोहित ने ऐसा ही कर दिखाया। पिता सब्जी का ठेला लगाते हैं, परिवार में पांच सदस्य और मकान भी किराए पर।
ऐसे में वह एक-एक रुपये के मूल्य को भी भलीभांति जानती हैं। पिता भगवती प्रसाद यही कहते हैं कि बिटिया, मैं अपनी तरफ से पढ़ाने में कसर नहीं छोड़ूंगा और तुम आगे बढ़ने में। बस ये शब्द प्रगति के दिमाग में बैठ गए। पिता के सपने को पूरा करने के लिए उसने किताबों से ही दोस्ती कर ली। नतीजा तो अच्छा आना ही था।
प्रगति ने हाईस्कूल में 89.83 फीसदी अंक लाकर अपने स्कूल बृज पब्लिक स्कूल, रामबाग में टॉप किया है। बेटी ने जब घर आकर ये खुशखबरी सुनाई तो पिता और मां ममता पुरोहित ने खुशी से बेटी को गले लगा लिया।
पिता ने बताया कि सब्जी का ठेला लगाने के साथ ही वह रात में फैक्ट्री में ओवरटाइम भी करते हैं। कई बार तंगी के चलते फीस भरने तक के लाले रहे। अपनी सफलता के पीछे प्रगति पिता के प्रयास और बड़ी बहन शिवानी की प्रेरणा को मानती हैं।
कहती हैं कि पिछले साल बहन ने 85 फीसदी अंकों से इंटरमीडिएट किया था। प्रगति भविष्य में आईएएस बनना चाहती हैं। बोलीं, प्रशासनिक अधिकारी बनकर वह सिस्टम में सुधार करना चाहती हैं।