मुगल बादशाह अकबर के दौर में आगरा की सौंठ की मंडी का बड़ा नाम था। यह जगह आज मानसिक चिकित्सा संस्थान के पास है। तब यह आगरा-मथुरा रोड कहलाती थी। बिल्लोचपुरा के पास सौंठ की मंडी लगती थी। यहां से सौंठ लाहौर तक जाती थी।
आगरा और लाहौर व्यापार के बड़े केंद्र थे। आगरा के आसपास अदरक की खेती होती थी, उसी से सौंठ तैयार की जाती थी। लेकिन मुगलों का दौर खत्म होते ही यह मंडी खत्म हो गई।
इस मंडी अब सौंठ की एक भी दुकान नहीं है। यहां पास में हलवाई की बगीची है जिसे फुलट्टी निवासी ग्यासो भक्तानी ने बनवाया था। एक अंग्रेज अफसर के मानसिक रोग हो जाने पर अंग्रेज हुकूमत के समय यहां मानसिक चिकित्सालय बनवाया गया।