आगरा के संजय प्लेस में एक कारोबारी को संपत्ति के लिए बेटे ने ही आठ दिन से फ्लैट में बंधक बना रखा था। इतना ही नहीं क्रूरता की सारी हद पार कर दीं। पिता को न सिर्फ जंजीरों में जकड़कर रखता बल्कि लघुशंका के लिए भी नहीं जाने देता था।
शोर मचाने पर पीटता है। इससे कारोबारी के शरीर पर कई घाव हो गए। पत्नी भी बेटे का ही साथ देती। कारोबारी ने किसी तरह खिड़की से कागज फेंककर मदद मांगी। इसके बाद पुलिस ने उसे मुक्त कराया। बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
नारायण टावर, संजय प्लेस के फ्लैट नंबर 207 निवासी राजेश कुमार बंसल (60) का फाउंड्री नगर, एत्माद्दौला में खराद का काम है, उनकी कई मशीनें है। शू मैटेरियल भी बनाते हैं।
पुलिस ने बताया कि कारोबारी का आरोप है कि बेटा निमित्त संपत्ति पर कब्जा करना चाहता है। यह फ्लैट कारोबारी की मां के नाम है, उसे भी अपने नाम बेटा करना चाहता है। इसके लिए पिता की पिटाई लगाता है।
बताया कि आठ फरवरी से उसको फ्लैट में ही एक कमरे में बंद कर लिया। हाथ और पैर लोहे की जंजीर से ताला लगाकर बांध दिए। राजेश की पत्नी नीलम भी बेटे का ही साथ देती है।
बेटा पिता को पेशाब करने भी बाहर नहीं जाने देते। जब पिता शोर मचाता तो बेटे ने लात-घूंसों से पिटाई लगाई। जब भी निमित बाहर जाता था तो कमरे के गेट पर बाहर से ताला लगाकर जाता था। नीलम दूसरे कमरे में सोती रहती।
गार्ड ने की मदद
शुक्रवार को निमित्त कमरे के गेट का ताला लगाना भूल गया। इस पर राजेश कुमार ने एक कागज पर लिखा कि उसे मुक्त करा दो। बेटे ने कैद कर रखा है। खिड़की से कागज फेंक दिया। अपार्टमेंट के गार्ड को कागज मिल गया और उसने थाना हरीपर्वत पुलिस को जानकारी दी।
एसओ थाना हरीपर्वत महेश चंद्र गौतम ने बताया कि शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की गई। रात नौ बजे फ्लैट पर पुलिस पहुंच गई। बेटे को बुलाकर फ्लैट को खोला गया।
बाद में राजेश तक पहुंच गए। राजेश के शरीर पर घाव हो रहे थे। पेशाब से शरीर पर कई जगह संक्रमण लग रहा था, उसे मेडिकल के लिए भेजा गया है।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पिता की तहरीर पर पुलिस बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। वहीं आरोपी बेटे का कहना था कि पिता संपत्ति बेचना चाहते हैं। इसलिए उन्हें बंद करके रखते हैं।
पुलिस फ्लैट पर पहुंची तो कारोबारी फूट-फूटकर रोने लगा। उसका कहना था कि बेटे ने जो घाव दिया है, वह कोई अपने दुश्मन को भी नहीं देगा। उसकी पसली की दो हड्डी भी बेटे ने तोड़ दी। बेटा उसे पीटता है। कमर पर भी घाव हैं। दवा भी नहीं देता।
बेटा कारोबारी राजेश को भोजन भी ठीक से नहीं देता था। आरोप है कि वह जंजीर में कभी कभार कम खाना देता था, उसे कमरे में बंद करता था। कोई आता था तो चुप रहने को कहते थे।