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UP: राजमार्गों से लेकर एक्सप्रेस-वे तक... हर दिन दो की मौत, 11 महीने में 1360 हादसे और 694 ने गंवाई जान

Fri, 19 Dec 2025 12:17 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

हाईवे और राजमार्ग पर हर दिन दो लोगों की जान जा रही है। 11 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1360 सड़क दुर्घटनाओं में 694 की मृत्यु हो चुकी है। वहीं 1188 लोग घायल हुए हैं।
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मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजमार्गों से लेकर एक्सप्रेस वे पर हर दिन दो लोगों की जान जा रही है। रफ्तार, नींद, झपकी से लेकर वाहनों के आगे पशुओं के आने और गड्ढों से हादसे हो रहे हैं। हादसों के बाद सुधार की खानापूर्ति की जाती है। इससे हादसों का सिलसिला जारी है।

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पुलिस के मुताबिक, इस साल जनवरी से नवंबर तक जिले में 1360 सड़क हादसों में 694 लोगों की जान चली गई। हर दिन लगभग दो लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। 1188 लोग घायल हुए, जिन्हें गंभीर चोट लगीं। डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने बताया कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने सर्वे किया, जिसमें 100 जिलों में सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाले जिलों में यूपी में 20 जिले हैं। इनमें आगरा भी है। यहां कुल 208 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन हैं जिन पर दो से अधिक हादसे हुए हैं। यहां सुधार के लिए 14 क्रिटिकल काॅरिडोर टीम बनाई गई हैं।

कोहरे में एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक पर रोक की मांग
राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कोहरे के दौरान एक्सप्रेस-वे पर यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर त्वरित निर्णय लेने का आग्रह किया है। सांसद ने कहा है कि कोहरे में हर साल एक्सप्रेस-वे पर सैकड़ों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें हजारों लोग घायल होते हैं और कई लोगों की असमय मृत्यु हो जाती है। इससे अनेक परिवार पूरी तरह उजड़ जाते हैं। सांसद नवीन जैन ने 16 दिसंबर को मथुरा के बलदेव क्षेत्र में शून्य दृश्यता के कारण हुए भीषण सड़क हादसे का जिक्र किया और कहा कि कोहरे में शून्य दृश्यता होने पर 5 से 7 घंटे तक देश के सभी एक्सप्रेस-वे पर यातायात पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए।
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इन बातों का ध्यान जरूरी स्पीड आधी, दूरी दोगुनी 
साफ मौसम की तुलना में स्पीड कम से कम आधी कर दें और आगे वाली गाड़ी से फॉलोइंग डिस्टेंस सामान्य से दो गुना रखें, ताकि अचानक ब्रेक लगने पर भी रुकने की जगह मिले।

लो‑बीम, फॉग लाइट और इंडिकेटर
कोहरे में हाई‑बीम इस्तेमाल न करें, लो‑बीम, फॉग लैंप के साथ लेन बदलते समय इंडिकेटर का इस्तेमाल और ज़रूरत पड़ने पर हैज़र्ड लाइट से पीछे वालों को चेतावनी दें। गलत लेन या शोल्डर पर गाड़ी रोकनी पड़े तो धीरे‑धीरे स्पीड घटाते हुए बाईं तरफ गाड़ी लाएं, अचानक बीच लेन में ब्रेक न लगाएं।
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