दिल्ली नेशनल हाइवे पर ऑटो में जान गंवाने वाले छह लोगों में से दादी और नाती भी शामिल थे। इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बीते दिन लाडले के साथ दादी की अर्थी उठी तो हर आंख नम हो गई।
आगरा में हाईवे पर शनिवार को हुए सड़क हादसे में ऑटो सवार रेखा और उनके पौत्र अथर्व की मौत हो गई थी। दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं तो कॉलोनी के लोगों की आंख नम हो गईं। अथर्व अपनी दादी का लाडला था। दादी उसकी हर छोटी-बड़ी फरमाइश पूरी करती थीं। पिकनिक पर जाने की उसकी जिद भी दादी ने ही पूरी कराई थी।
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आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-5 में दादी रेखा शर्मा और पौत्र अथर्व के शव शनिवार रात ही घर पर आ गए थे। अंतिम संस्कार सुबह किया गया। रविवार सुबह कॉलोनी से दादी-पौत्र की अर्थियां एक साथ उठीं तो वहां मौजूद हर शख्स रो पड़ा। परिजन ने बताया कि अथर्व कई बार पापा, मम्मी के इन्कार कर देने पर सीधा दादी के पास पहुंच जाता था। दादी ने उसे कभी निराश नहीं किया।
इस बार भी स्कूल से पिकनिक पर जाने की जिद अथर्व ने की तो मां कुमकुम ने मना कर दिया। मगर, पौत्र की इस जिद को दादी ने पूरा कराया। शनिवार को वह पिकनिक से स्कूल लौटा था तो दादी उसे लेने पहुंची थीं। बेटे का दाखिला ट्रांस यमुना काॅलोनी में इसलिए करवाया था कि रामबाग में घर बनवा रहे थे। कुछ माह बाद वहां शिफ्ट होना था। इससे पहले अथर्व कॉलोनी के स्कूल में ही पढ़ता था। मां कुमकुम के साथ ही अथर्व की डेढ़ साल की बहन रचिता भी परेशान थी। वह भाई को याद कर रही थी, लेकिन बोल नहीं पा रही थी। बार-बार रोए जा रही थी।
आखिरी बार भी नहीं देख सके चेहरा
भीषण हादसे में शव क्षत-विक्षत हो चुके थे। परिजन अंतिम संस्कार से पहले चेहरा भी नहीं देख सके। मां कुमकुम शर्मा का रो-राेकर बुरा हाल था। वह बेटे का चेहरा देखना चाहती थीं। वह बिलखती रहीं, लेकिन परिवार के लोग जानते थे कि लाडले का चेहरा दिखाते मां सहन नहीं कर पातीं।
मां को तलाश रहीं मासूम रुद्रांश की आंखें
इस हादसे में बाईंपुर की रहने वाली शिक्षिका मोनिका वर्मा की मृत्यु हो गई थी। उनका दो साल का बेटा रुद्रांश मां को याद कर शनिवार से ही परेशान है। स्कूल में दादी ने उसकी बात फोन पर मोनिका से करवाई थी। वह तब से मां को याद कर रहा है। घर पर आने जाने वालों में अपनी मां को खोज रहा है। घरवाले बच्चे को किसी तरह व्यस्त रख रहे हैं, ताकि वह मां को याद नहीं करे।