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कहां गया सीआरपीएफ जवान?: आगरा के अभिषेक तीन दिन से लापता, 26 मई की सुबह फोन हुआ स्विच ऑफ; उधमपुर में थी तैनाती

Thu, 29 May 2025 01:49 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

जम्मू कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ जवान लापता हो गया है। आगरा में परिजन परेशान हैं। जवान किसी साजिश और षड्यंत्र का शिकार तो नहीं हो गया है। अभिषेक 137 बटालियन में मिनिस्ट्रियल क्लर्क के रूप में तैनात हैं। 
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अभिषेक शर्मा, सीआरपीएफ जवान - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उधमपुर के जखैनी स्थित सीआरपीएफ की 137 बटालियन में तैनात उतर प्रदेश के आगरा निवासी अभिषेक शर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में पिछले तीन दिनों से लापता हैं। वह शाहगंज की मुरली विहार कॉलोनी के रहने वाले हैं। बेटे के लापता होने से परिजन परेशान हैं।
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उधमपुर पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है, लेकिन प्राथमिक जांच में जो तथ्य निकलकर सामने आए हैं, उसमें साजिश या फिर किसी षड्यंत्र के पहलू को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बुधवार को अभिषेक शर्मा के भाई अंकुर शर्मा अपने अन्य रिश्तेदारों के साथ उधमपुर थाने में पहुंचे। अंकुर ने बताया कि उनका 28 वर्षीय छोटा भाई अभिषेक उधमपुर के जखैनी स्थित सीआरपीएफ की 137 बटालियन में हेड कांस्टेबल मिनिस्ट्रियल क्लर्क के रूप में तैनात है। 
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बटालियन के सीईओ का उन्हें 26 मई को शाम 5 बजे फोन आया कि क्या अभिषेक वहां आया है। इस पर कहा कि नहीं। सीईओ ने उन्हें बताया कि अभिषेक सुबह 6:30 बजे यह कहकर कैंप से बाहर निकला कि कुछ देर में आता हूं, लेकिन नहीं लौटा। इसके बाद से कोई पता नहीं है। 
 

एक साल पहले सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे अभिषेक 
जखैनी स्थित सीआरपीएफ की 137 बटालियन के लापता हेड कांस्टेबल (मिनिस्टि्रयल क्लर्क) अभिषेक शर्मा एक साल पहले सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उनकी शादी की बात चल रह थी। परिजन का कहना है कि लापता होने से पहले कोई विवाद, झगड़ा या परेशानी को लेकर कोई मामला नहीं आया था। अचानक लापता होना जांच का विषय है।

15 जून को घर आने के लिए कहा था
अभिषेक के पिता ओम प्रकाश शर्मा भी यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हैं। 15 जून को अभिषेक ने छुट्टी पर घर आने के लिए कहा था। परिजन के मुताबिक अभिषेक की शादी को लेकर बात चल रही थी। छुट्टी के दौरान उसे अपने मन मुताबिक लड़की पसंद करने और उसके बाद ही हां या ना करने की बात हुई थी। इसके लिए वो पूरी तरह से स्वतंत्र था। अगर प्रेम प्रसंग की कोई बात होती, तो परिजन से जरूर बात करते।

 

जखैनी से थाने तक का सफर जांच का बिंदु
गौर करने वाली बात यह है कि अगर अभिषेक बिना बताए कहीं चला गया होता, तो उसे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे से शहर के बीचोंबीच पुलिस थाने की तरफ आने की क्या जरूरत थी।
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पुलिस अब इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं अभिषेक पुलिस थाने ही तो नहीं आ रहा था। क्या वो कोई शिकायत या अन्य मसले को लेकर पुलिस की मदद लेना चाहता था और थाने पहुंचने से पहले ही साजिश या षड्यंत्र का शिकार हो गया।
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