370 साल पहले तामीर किए गए ताजमहल पर उस वक्त बड़ा हादसा बचा, जब रॉयल गेट पर करीब 60 फुट ऊंचाई से लाल पत्थर नीचे आ गिरा।
जिस जगह पत्थर गिरा, वहां गाइडों का ब्यौरा रजिस्टर में लिखा जाता है। पत्थर गिरते समय नीचे कोई नहीं था। प्रवेश द्वार से गुजर रहे सैलानी पत्थर गिरने की तेज आवाज से डर गए।
मंगलवार दोपहर ताजमहल के मुख्य प्रवेश द्वार ‘रॉयल गेट’ पर फोरकोर्ट की ओर कैलीग्राफी के ऊपर लगा लाल पत्थर नीचे गिर पड़ा। करीब एक वर्ग फुट का पत्थर गिरने से इसके टुकड़े दूर तक पहुंचे।