आगरा में राजपुर चुंगी पर शनिवार दोपहर की गई दस्तावेज लेखक और प्रॉपर्टी डीलर हरेश पचौरी की हत्या के मामले में ताजगंज के कली का नगला निवासी प्रॉपर्टी डीलर भानु प्रताप मुद्गल और कहरई निवासी विश्नु प्रकाश रावत को नामजद कराया है जबकि चार आरोपी अज्ञात है। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि भानु से जमीन खरीदने के लिए हरेश ने चार साल पहले 1.80 करोड़ रुपये दिए थे। बार बार कहने पर भी उसने बैनामा नहीं किया। पुलिस इसके साथ ही जमीन के और भी विवाद की पड़ताल कर रही है। दस से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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हरेश पचौरी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
हरेश के भतीजे राहुल पचौरी ने बताया कि 1.80 करोड़ रुपये 2000 वर्ग गज जमीन खरीदने के लिए दिए गए थे। यह जमीन कावेरी कुंज में है। चाचा हरेश ने कई बार इसका जिक्र किया था। वह बताते थे कि भानु प्रताप ने कुछ दिन में बैनामा कराने के लिए कहा था लेकिन लगातार टालता आ रहा है। विश्नु कुछ दिन पहले ही गबन के मामले में जेल से छूटा है।
हरेश पचौरी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आगरा से लेकर मथुरा तक के जमीन के दस सौदे चिह्नित किए हैं। इन सौदों में हरेश शामिल रहे थे। इन सौदों से जुड़े सभी लोगों के बारे में पड़ताल की जा रही है। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही जमीन के वे सभी मामले देखे जा रहे हैं जिनसे हरेश जुड़े थे।
घटना के संबंध में जानकारी लेते एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद
- फोटो : अमर उजाला
शमसाबाद के दो शिक्षक भाइयों से भी पूछताछ
पुलिस ने शमसाबाद के दो शिक्षक भाइयों से भी पूछताछ की है। ये नामजद आरोपियों के करीबी हैं। दोनों इंटर कॉलेज में पढ़ाते हैं, साथ ही जमीन के सौदे भी कराते हैं। इनके अलावा स्वदेशी बीमा नगर के एक युवक की भी पुलिस को तलाश है। पुलिस ने इनकी कॉल डिटेल और लोकेशन भी निकलवाई है।
शूटरों के साथ कार सवार साथी भी थे, फुटेज में नजर आए
पुलिस को घटना से जुड़ा एक और फुटेज मिला है। इसमें बाइक सवार हमलावरों के साथ एक कार चलती नजर आ रही है। यह हमलावरों के साथियों की मानी जा रही है। हालांकि फुटेज में कार का नंबर स्पष्ट नहीं है। फुटेज से हमलावरों की बाइक के नंबर भी नहीं मिल सके हैं।