अयोध्या फैसला हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून, विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस का अलर्ट रहा। इसमें शांति दूतों का अहम योगदान रहा। यही वजह थी कि सुलहकुल की नगरी आगरा की शांत फिजा में कोई खलल नहीं डाल सका। अब अधिकारी पुलिस का सहयोग करने वाले संभ्रांत लोगों को हैप्पी न्यू ईयर बोलेंगे।
पुलिस ने अयोध्या मामले में फैसला आने से पहले अलग-अलग इलाकों में मोहल्ला पंचायत की थीं। इस दौरान लोगों से शांति बनाने की अपील की थी। संभ्रांत नागरिकों को भी बुलाया गया था। उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। यही वजह थी कि शांति बनी रही।
वहीं नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भी कई जिलों में बलवा हुआ था। ताजनगरी में अमन कायम रहा। इसी प्रमुख वजह थी लोगों ने कानून व्यवस्था बनाने में सहयोग किया। पुलिस ने लोगों के साथ बैठकें तक की थीं।