आगरा। नकली दवाओं के अंतरराज्यीय गैंग के सरगना पुडुचेरी के राजा उर्फ वालियप्पन ने पुडुचेरी कोर्ट में समर्पण कर दिया है। उस पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज है। उसका साथी एके राणा को पहले ही गिरफ्तर किया जा चुका है। अब राजा से पूछताछ के लिए कोतवाली पुलिस बी-वारंट लेकर पुडुचेरी गई है।
एसजीएसटी की टीम ने कोतवाली के दवा बाजार में हे मां मेडिको के गोदाम पर कार्रवाई की थी। इस दौरान खाद्य एवं औषधि विभाग और एसटीएफ की टीम ने भी कार्रवाई की। एक लोडिंग टेंपो में लाई गई नकली दवा पकड़े जाने के बाद हे मा मेडिको और बंसल मेडिको के खिलाफ सहायक आयुक्त औषधि कपिल मोहन ने कोतवाली थाने में 6 आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
हे मा मेडिको के हिमांशु अग्रवाल पर एक करोड़ रिश्वत देने की कोशिश करने पर एक प्राथमिकी और दर्ज कर एक करोड़ रुपये बरामद किए गए थे। जांच में पुडुचेरी की मीनाक्षी मेडिकल के राजा उर्फ वालियप्पन और उसके सहयोगी एके राणा के नाम प्रकाश में आए। राजा पर नामी दवा कंपनी लुपिन के नाम से नकली दवाएं तैयार कर देशभर में सप्लाई करने का आरोप है। पुडुचेरी पुलिस ने भी उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि राजा के पुडुचेरी कोर्ट में सरेंडर करने की जानकारी के बाद कोतवाली पुलिस को उससे पूछताछ करनी है। उसे लाने के लिए टीम बी वारंट लेकर पुडुचेरी गई है।
नकली दवाओं की 16 राज्यों में सप्लाई
पुडुचेरी पुलिस की पूछताछ में आरोपी राजा ने स्वीकारा है कि 10 वर्ष पूर्व दवा कारोबार में घाटा होने पर उसने मुनाफे के लिए नकली दवाएं बनाना शुरू किया। दिल्ली की प्रतिष्ठित कंपनी के नाम से 16 ब्रांड की नकली दवाएं बनाकर उत्तर प्रदेश, असम, केरल, आंध्र प्रदेश समेत 16 राज्यों में सप्लाई करता था।