आगरा के कस्बा जगनेर से 13 जून को अगवा किए गए दवा व्यवसायी कपिल मंगल रविवार को बरामद कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि व्यवसायी को अपहर्ताओं से मुठभेड़ के बाद छुड़ाया गया।
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चार दिन तक बदमाशों ने कपिल मंगल पर जुल्म ढहाए। 70 लाख रुपए की फिरौती के लिए उसे भूखा-प्यासा रखा। बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़ित व्यवसायी खुशी से झूम उठा।
एसएसपी अमित पाठक ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि अपहरण धौलपुर के बंटू गिरोह ने किया था। एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरोह कपिल को दूसरे गिरोह को देने के लिए जा रहा था।
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एक बदमाश गिरफ्तार
एसएसपी का दावा है कि कपिल को पुलिस ने सरेंधी-धौलपुर रोड पर स्थित सिद्धबाबा आश्रम के सामने बदमाशों से छुड़ाया। बदमाश कपिल को दूसरी जगह शिफ्ट करने ले जा रहे थे। मुठभेड़ होने पर बंटू को छोड़कर भाग गए।
इस दौरान अपहर्ता दिनेश पंडित उर्फ पप्पू पंडित निवासी बसेड़ी, धौलपुर को गिरफ्तार कर लिया। बदमाश उस बोलेरो को भी छोड़ गए जिसमें कपिल का अपहरण किया था।
फरार हुए छह बदमाशों में जगनेर का बंटू गिरोह का सरगना और अपहरण का मास्टर माइंड है। धौलपुर के बसेड़ी का रामअवतार, बसई डांग का भूपेंद्र उर्फ भोला, कंचनपुर के अनिल गुर्जर, सुनील गुर्जर और जितेंद्र गुर्जर भी गिरोह में शामिल हैं।
इनके अतिरिक्त गिरोह में तीन-चार और हैं, जिनके नाम-पते अभी पुलिस को नहीं मिले हैं। एसएसपी का कहना है कि इन्हें शरण देने वाले लोग भी मुल्जिम बनाए जाएंगे। बंटू पहले भी अपहरण कर चुका है।
ऐसे किया व्यवसायी का अपहरण
उस पर थाना न्यू आगरा में अपहरण और गैंगेस्टर के केस दर्ज हैं। वो पत्थर का कारीगर है। उसके दो भाई और माता-पिता कपिल के घर के पास ही रहते हैं। उसे उम्मीद थी कि कपिल के अपहरण से कम से कम 70 लाख मिल सकते हैं।
13 जून की शाम को कपिल के मेडिकल स्टोर पर भोला दवा लेने आया था। वो उसका मोबाइल नंबर ले गया था। रात साढ़े नौ बजे कपिल को फोन कर दवा देने के बहाने घर से बुलाया। रास्ते से उसके साथी बोलेरो में डालकर कपिल का अपहरण कर ले गए।
इस घटना के बाद जगनेर में भारी गुस्सा था। लोगों ने बाजार बंद रखे थे। उधर, चर्चा यह भी रही कि कपिल मंगल फिरौती देकर छूटा। हालांकि उसके परिजनों ने और उसने इससे साफ इंकार किया है।
पीड़ित व्यवसायी ने किया डांस
प्रेस वार्ता में पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
कपिल मंगल जब बदमाशों के चंगुल से छूटकर आ गया तो उसे यकीन नहीं हो रहा था। उसने बताया कि पुलिसवाले जब सामने आए तो उन्हें पहचान नहीं पाया। वे सभी सादा वर्दी में थे।
उसने पुलिस से कहा कि उसका पसंदीदा गाना लगाया जाए, वो बहुत दुखी है। फिर उसने खुद ही मोबाइल पर पंजाबी गाना बजाया। जिस पर जमकर डांस किया। उसका कहना है कि नाचने के बाद ही उसके मन से खौफ कुछ कम हुआ।
पीड़ित कपिल मंगल ने बताया कि उनके चार दिन बहुत बुरे बीते। बदमाशों ने बड़ी बेरहमी की। बेल्ट से पीट-पीटकर खाल उधेड़ दी। दिनभर धमकी देते रहते थे कि अगर 70 लाख नहीं मिले तो उसे जान से मार देंगे।
उसे पेड़ से बांधकर धूप में खड़ा रखते थे। खाना मांगता तो चांटा पड़ता था। पीने के लिए पानी गड्ढे से निकालकर देते थे, जो बहुत गंदा होता था। यह भी बहुत कम देते थे। वे उसे खौफजदा रखना चाहते थे।
अपहरण के खुलासे और अपहृत की बरामदगी पर डीजीपी ओपी सिंह ने इस ऑपरेशन में शामिल तीन पुलिसकर्मी एसओजी के रवि त्यागी, सर्विलांस सेल के अजय और धौलपुर के एएसआई राम सिंह को प्रशंसा चिन्ह देने की घोषणा की है।
एडीजी जोन अजय आनंद ने पूरी पुलिस टीम को 50 हजार रुपये और एसएसपी अमित पाठक ने 20 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। खेरागढ़ के विधायक महेश गोयल ने भी पुरस्कृत करने की घोषणा की है।