आगरा में एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच ईद पर हुए विवाद ने रविवार को बवाल का रूप ले लिया। दोनों ओर से पथराव, फायरिंग हुई। बोतलें फेंकी गई। आगजनी भी की गई।
घटना थाना मंटोला क्षेत्र के ढोलीखार मोहल्ले की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया है। तनाव के मद्देनजर ढोलीखार को छावनी बना दिया गया है।
टकराव हाजी इलियास और गुलाम नवाब के बेटों के बीच हुआ। गुलाम नवाब बड़ा अपराधी था। वो एनकाउंटर में मारा गया था। हाजी इलियास का एक भाई हिस्ट्रीशीटर है। दोनों पक्षों के पास असलाह जमा था।
ये है मामला
ईद पर हाजी इलियास स्कूटर लेकर जा रहे थे। गुलाम नवाब के बेटों को उससे टक्कर लग गई थी। उन्होंने इलियास को भला-बुरा कहा तो उसके भी बेटे आ गए। उनके बीच कहासुनी हुई।
बाद में हाजी इलियास की ओर से गुलाम नवाब के बेटों के खिलाफ मंटोला थाने पर केस दर्ज करा दिया गया। इसका पता चलने पर गुलाम नवाब पक्ष भड़क गया। गुलाम के बेटे रविवार दोपहर दो बजे स्कूटर लेकर जा रहे थे।
सामने इलियास के परिवार के लोग आए। आरोप है कि गुलाम के बेटों ने उन्हें पीट दिया। इसके बाद दोनों ओर से काफी लोग आ गए। ढोलीखार में ही दोनों ओर से पहले पत्थर चले। इसके बाद छतों से बोतलें फेंकी।
इलाके में तनाव
मौके पर तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस देर से पहुंची। तब तक काफी बवाल हो गया। फायरिंग भी की गई। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं। इसके बाद गुलाम नवाब के बेटों का स्कूटर आग के हवाले कर दिया गया।
उधर से इलियास के चमड़े की कतरन के गोदाम में आग लगा दी गई। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा, लेकिन बाद में एक को छोड़ दिया। इस पर भी हंगामा हुआ। पुलिस का कहना था कि उसे विकलांग होने के कारण छोड़ा गया।
घटना के बाद से ढोलीखार में अभी भी तनाव बना है। दोनों पक्षों के कई लोग घरों से चले गए हैं, लेकिन टकराव के हालात बने हुए हैं। इसे देखते हुए पुलिस तैनात की गई है।
पुलिस की लापरवाही आई सामने
मंटोला शहर का सबसे संवेदनशील मोहल्ला है। यहां कोई महीना शायद ही बीतता हो जब बवाल न होता है। एक ही समुदाय के दो पक्ष भी कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। ईद पर पुलिस को अलर्ट रहने के लिए कहा गया था।
इसके बावजूद पुलिस ने ढिलाई बरती। ढोलीखार में बवाल की सूचना पर पुलिस देरी से पहुंची। ईद पर हुए बवाल को हलके में लिया। केस दर्ज करने के बावजूद दोनों पक्षों पर कोई कार्रवाई नहीं की।