क्रिकेट विश्व कप फाइनल पर सट्टा लगा रहे छह लोगों को आगरा के एमएम गेट थाना पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद थाने से ही जमानत दे दी। इतना ही नहीं, इन्हें गिरफ्तार घर के अंदर से नहीं, अलग-अलग जगह से दिखाया। इस कारण धाराएं भी हलकी लगाईं।
अब पुलिस सफाई दे रही है कि ये लोग भाग गए थे, बाद में एक-एक को पकड़ा गया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर आरोपी भाग गए थे तो एक ही गली से कैसे पकड़ लिए गए। पुलिस का कहना है कि एक सूचना पर पटेल नगर से सट्टा पकड़ा गया।
सट्टा लगाने के आरोप में नितिन शर्मा पुत्र स्वर्गीय राजनारायण शर्मा, निवासी सेक्टर 14 आवास विकास कालोनी, हर्ष पुत्र अशोक वर्मा निवासी मोती कटरा, पवन पुत्र कैलाश कुमार, छीपीटोला, शाहनवाज पुत्र शकील खान, निवासी बालाजीपुरम, प्रांजूल वर्मा पुत्र राजकुमार शर्मा निवासी मोटी कटरा को रविवार की रात गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के पास मिले थे 64 हजार रुपए
आरोपियों के पास से एक लाख 64 हजार 330 रुपये बरामद किए गए। 10 मोबाइल फोन भी मिले। गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर शिव प्रकाश सोनकर ने अपना नाम शामिल बताया है। सट्टे के आरोपियों को रातभर थाने पर रखा गया।
सोमवार शाम को इन्हें थाने से ही जमानत दे दी गई। इन पर 13 जुआ अधिनियम लगाया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अगर इनकी गिरफ्तारी घर के अंदर से दिखाई जाती तो 3/ 4 जुआ अधिनियम लगता।
ऐसे में आरोपियों को कोर्ट में पेश करना पड़ता। सीओ कोतवाली अब्दुल कादिर का कहना है कि ये लोग घर में ही सट्टा लगा रहे थे लेकिन पुलिस का छापा पड़ते ही भाग गए थे। इसके बाद इन्हें अलग-अलग जगह से पकड़ा गया।
जिसके घर चल रहा था सट्टा, उसका नाम ही नहीं
पुलिस कार्रवाई में सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि जिसके घर में सट्टा चल रहा था, उसका नाम ही एफआईआर में नहीं खोला गया। इसी घर में पुलिस ने छापा मारा था। यह मकान एक बिल्डर का बताया गया है। उसके खिलाफ छत्ता थाने में सट्टे का मामला दर्ज है।
इस पर इंस्पेक्टर का कहना है कि सूचना घर में सट्टे की थी लेकिन वहां सटोरिए मिले नहीं थे। उनसे पूछा गया कि गली में अलग-अलग घूम रहे लोग सट्टा कैसे खेल रहे थे? उनका जवाब था, पुलिस के पास इसके साक्ष्य हैं। क्या साक्ष्य हैं, यह नहीं बताया।