ऐसे मिला सुराग
आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने बताया कि चार दिन बाद एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया। इसमें किशोरी को युवक एक ऑटो में बैठाकर ले जा रहा था। पुलिस ने ऑटो को खोज लिया। चालक ने किशोरी को भगवान टाकीज पर उतारा था। वहां से एक कार में बैठ गई थी। पुलिस को कार का नंबर मिल गया था। कार चालक से पूछताछ के बाद पता चला कि उसने किशोरी को दिल्ली के तिलक नगर में छोड़ा था।
कार बुक कराने वाले युवक के बारे में भी जानकारी हो गई थी। सोमवार रात को पुलिस दिल्ली के तिलक नगर पहुंची। वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे युवाओं के पीजी हाउस में रुकने की जानकारी ली। एक सप्ताह का रिकॉर्ड चेक किया। एक पीजी हाउस से पुलिस ने अगवा किशोरी बरामद कर ली। इस पर उसे आगरा ले आए।
एक साल पहले ग्वालियर के दिव्यांशु से हुई थी मुलाकात
पुलिस की पूछताछ में किशोरी ने बताया कि ग्वालियर निवासी दिव्यांशु चौहान से एक साल पहले उसकी मुलाकात हुई थी। वह परिवार की शादी में आया था। उससे फोन पर बातचीत होने लगी। वही अपने साथी दिल्ली निवासी रिंकू के साथ दिल्ली से कार किराये पर लेकर आया था। रिंकू पठानी शूट पहनकर अस्पताल में पहुंचा। उसे बुर्का पहनाकर ले गया। दोनों दिल्ली में पीजी में उसको छोड़कर चले गए।
सोमवार को ग्वालियर पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में दिव्यांशु को जेल भेजा है, जबकि रिंकू को थाना न्यू आगरा पुलिस ले आई है। दिव्यांशु के बारे में पुलिस ने ग्वालियर में जानकारी ली। पुलिस ने पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस के मुताबिक बयान के आधार पर विधिक राय ली जाएगी। इसमें दिव्यांशु और रिंकू को मुकदमे में नामजद करने पर विचार होगा।