40 महिला सिपाही और 20 युवतियों को व्हाट्सएप पर कॉल करके परेशान करने का आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है। वह पहले राजस्थान भागा, बाद में दिल्ली चला गया। पुलिस की दो टीम उसकी तलाश में लगी हैं। इसके बावजूद वह हाथ नहीं आ सका है।
हेड कांस्टेबल की बेटी पहले सिपाही थी, लेकिन बाद में पुलिस विभाग की नौकरी छोड़ टीचर बन गई। सीतापुर में की गई सिपाही की ट्रेनिंग के दौरान उसके बैच की युवतियों के मोबाइल नंबर भी उसके फोन में हैं। मामले की शिकायत एसपी क्राइम से की गई है। उन्होंने साइबर सेल को जांच सौंपी है।
रकाबगंज क्षेत्र निवासी हेड कांस्टेबल फिरोजाबाद के पचोखरा थाने में तैनात हैं। कुछ दिन बाद उनकी बेटी की शादी है। हेड कांस्टेबल ने साइबर सेल में प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें कहा कि बेटी 27 नवंबर को लुहार गली और बिजलीघर गई थी। रास्ते में उसका फोन गुम हो गया। आशंका है कि यह चोरी किया गया। फोन में सौ से अधिक युवतियों, रिश्तेदार, बहन और भाइयों के नंबर हैं। इसके अलावा बेटी के बैच की सिपाहियों के भी नंबर हैं।
सिपाही की बेटी बनकर करता है बात
हेड कांस्टेबल ने बताया कि सिरफिरा अपनी पहचान नहीं बताता। वह उनकी बेटी बनकर बात करता है। बेटी ने अपना सिम ब्लॉक करा लिया। इसके बाद सिरफिरे ने अपना सिम डाल लिया है। बेटी ने एक व्हाट्स एप ग्रुप बना रखा था। उससे नंबर लेकर नया ग्रुप बना लिया।
वह बेटी के नाम से अश्लील संदेश भेज रहा है। उसकी सहेलियों के उसके पास फोन आए, तब सिरफिरे की करतूत का पता चला। उसने अपने जिस नंबर से संदेश भेजे, उस पर फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं की। मैसेज करने पर उनकी बेटी बनकर ही जवाब देता है कि उसने नंबर बदल लिया है।
200 का ग्रुप बनाया था, 140 छोड़ गए
हेड कांस्टेबल ने बताया कि सिरफिरे ने व्हाट्सएप ग्रुप से 200 युवतियों और महिलाओं को जोड़ा था। ये सभी बेटी की सहेलियां और उनकी रिश्तेदार हैं। अश्लील संदेश देख इनमें से 140 ने बेटी को फोन कर जानकारी की। जब उन्हें पता चला तो उन्होंने ग्रुप छोड़ दिया। वह व्हाट्सएप कॉलिंग करता है। एप की मदद से युवती की आवाज में बात करता है।
पुलिस से शिकायत होने पर उसके फतेहाबाद के होने की जानकारी हुई। इस पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वह भाग निकला। उसकी लोकेशन राजस्थान की आई। इसके बाद दिल्ली की आने लगी। मगर, वह अब तक हाथ नहीं आ सका है। रेंज साइबर थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है।