तिरंगा फहराते राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का फाइल फोटो
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स्वतंत्रता दिवस पर शाही जामा मस्जिद में राष्ट्रगान के विरोध पर थाना मंटोला में शहर मुफ्ती और उनके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि विवेचना की जा रही है। तमाम साक्ष्य जुटाने के बाद कार्रवाई की जाएगी। उधर, मुकदमा दर्ज कराने वाले शाही जामा मस्जिद के मुतवल्ली (इंतजामिया कमेटी के चेयरमैन) और इस्लामिया लोकल एजेंसी के अध्यक्ष हाजी असलम कुरैशी ने अपनी जान का खतरा जताया है। इस पर एसएसपी ने उनकी सुरक्षा में एक सिपाही की ड्यूटी लगाई है।
शाही जामा मस्जिद में संचालित मदरसे में 15 अगस्त को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी ने ध्वजारोहण किया था। इस दौरान राष्ट्रगान भी गाया गया। देशभक्ति के नारे भी लगाए थे। कार्यक्रम में मदरसे के कर्मचारी और अन्य लोग भी मौजूद थे।
इस कार्यक्रम के बाद शहर मुफ्ती मजदुल खुबैब रूमी का मस्जिद के मुतवल्ली हाजी असलम कुरैशी से बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उन्होंने जामा मसजिद के अंदर ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के गायन को हराम बताया था। मस्जिद के मुतवल्ली और इस्लामिया लोकल एजेंसी के अध्यक्ष हाजी असलम कुरैशी ने शहर मुफ्ती के बयान को गलत बताते हुए वापस लेने की मांग की थी। बाद में बयान को राष्ट्र विरोधी बताते हुए थाना मंटोला में तहरीर दी थी। इसके बाद मंगलवार को अखिल भारत हिंदू महासभा ने थाना मंटोला और राष्ट्रीय हिंदू परिषद भारत ने एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था।
मामले में एसएसपी मुनिराज जी ने जांच के आदेश किए थे। मंगलवार रात को हाजी असलम कुरैशी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसमें शहर मुफ्ती मजदुल खुबैब रूमी और उनके बेटे हम्मदुल कुद्दुस को नामजद किया गया है।