एसएन मेडिकल कालेज के चिकित्सकों का एक और ‘कारनामा’ सामने आया है। इस बार जीवित मरीज को मृत घोषित कर दिया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए शव लेने मृतक के घर पहुंची। मरीज जीवित मिला। इस बड़ी चूक को कालेज प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है।
जांच अधिकारी ने आरोपी दो जूनियर डाक्टरों डा. विवेक गौतम और डा. पूनम रभा को चिकित्सकीय कार्यों से निलंबित कर दिया है। केदार नगर, शाहगंज निवासी कुश चौरसिया (30) शनिवार की सुबह घर पर सो रहे थे। पास में ही सांप निकल आया, उनको आभास हुआ कि सांप ने काट लिया है। उनके पिता कपूर चंद तुरंत ही करीब छह बजे कुश को इमरजेंसी लेकर पहुंचे।
यहां उनका इलाज हुआ और करीब दो घंटे बाद डिस्चार्ज हो गए। इमरजेंसी से मेमो तैयार कर पुलिस को सौंप दिया, जिसमें कुश को मृत घोषित कर दिया। शव न मिलने पर पुलिस मेमो में दर्ज पते पर घर पहुंची। वहां जानकारी करने पर पुलिस भौचक रह गई। जिस मरीज की पोस्टमार्टम प्रक्रिया करनी थी, वह जीवित था।
पड़ोसियों से गवाही लेने के बाद पुलिस ने इमरजेंसी स्टाफ को हकीकत बताई। मामला सामने आने के बाद प्राचार्य ने मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. पीके माहेश्वरी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. एससी जैन और इमरजेंसी समन्वयक डा. आरबी लाल को जांच सौंपी है।
प्राचार्य डा. सरोज सिंह ने बताया कि उसी वक्त अन्य मरीज की मौत हुई थी, भूलवश फाइल बदल गई, लेकिन इस चूक की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो तीन दिन में रिपोर्ट करेगी। वहीं जांच अधिकारी डा. पीके माहेश्वरी का कहना है कि चूक गंभीर है, प्रथम दृष्टया आरोपी दोनों जूनियर डाक्टर को चिकित्सकीय कार्यों से निलंबित कर दिया है। जांच शुरू हो गई है।