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हेलो, मुख्यमंत्री का ओएसडी बोल रहा हूं, इंस्पेक्टर को इस थाने में तैनात कर दो

Fri, 25 May 2018 09:08 AM IST
आशीष शर्मा, अमर उजाला आगरा
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आगरा पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर की सिफारिश में लखनऊ से मुख्यमंत्री का ओएसडी बनकर कॉल करने वाला आगरा का ही छुटभैया नेता निकला। 
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पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी, लेकिन ढाई महीने बाद भी वह हाथ नहीं आ सका है। अब आरोपी की संपत्ति की कुर्की की तैयारी कर ली गई है।

यह था मामला छह मार्च की रात आठ बजे एसएसपी के सीयूजी नंबर पर काल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि मैं लखनऊ से मुख्यमंत्री का ओएसडी सतीश बोल रहा हूं। 

उसने एसएसपी से कहा कि पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर वीरपाल को अच्छे थाना पर तैनाती दे दो, अच्छी जगह नहीं तो कोतवाली इंस्पेक्टर ही बना दो। बाद में एसएसपी ने कॉल करने वाले के बारे में पता किया। 
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कॉल लखनऊ से नहीं की गई थी। इसके साथ सतीश नाम के किसी अधिकारी के बारे में जानकारी नहीं मिली थी। दस दिन बाद पीआरओ ने थाना रकाबगंज में धारा 419 और 420 में मुकदमा दर्ज कराया था।

जिस नंबर से कॉल की गई थी, उस नंबर की डिटेल निकलवाई गई। इसमें सामने आया कि सिम लखनऊ से खरीदा गया था। मगर, कॉल आगरा से ही की गई थी। 

बाद में छानबीन से पता चला कि कॉल करने वाला शोभा नगर, एत्माद्दौला का राहुल परिहार है। पुलिस उसके घर तक पहुंच गई। यहां पर पता चला कि वह परिवार से अलग पत्नी और बच्चों के साथ ट्रांस यमुना कालोनी में रहता है। 

पुलिस जब तक उसकी गिरफ्तारी कर पाती, तब तक वह फरार हो गया। वह बीजेपी का नेता है। प्रापर्टी का काम करता है।
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इंस्पेक्टर की भी जांच

आरोपी राहुल परिहार ने इंस्पेक्टर वीरपाल के लिए सिफारिश की थी। वीरपाल की भूमिका की जांच की। उन्होंने राहुल को पहचानने से इनकार कर दिया। 

वहीं उनकी कॉल डिटेल भी निकलवाई गई। दोनों की आपस में कोई बातचीत भी सामने नहीं आई। इंस्पेक्टर का अब तबादला गैर जनपद हो गया है। पुलिस की जांच जारी है।

सीओ सदर उदयराज सिंह का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। कुर्की कराने के लिए कार्रवाई शुरू करा दी गई है। धारा 82 का नोटिस चस्पा करा दिया गया है।
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