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आगरा: यमुना किनारे बना रहे थे तमंचे-रायफल, तीन आरोपी गिरफ्तार, अवैध असलाह बरामद

Fri, 14 Jan 2022 02:58 PM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

विधानसभा चुनाव से पहले आगरा पुलिस ने अवैध हथियार बनाने की एक फैक्टरी पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने तीन लोगों को भी पकड़ा है। इनसे भारी मात्री में हथियार बरामद हुए हैं। 
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अवैध असलाह और उपकरण बरामद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही अवैध असलाह बनाने वाले भी सक्रिय हो गए हैं। न्यू आगरा के गांव मऊ स्थित यमुना किनारे के जंगल में तमंचे, रायफल और बंदूक तैयार की जा रही थीं। सिपाही ने ग्राहक बनकर जाल बिछाया। इसके बाद तीन आरोपी पकड़ लिए गए। उनसे अवैध असलाह, 27 कारतूस, बनाने का सामान बरामद किया गया।
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि थाना न्यू आगरा पुलिस को सूचना मिली थी कि यमुना किनारे पर कुछ लोग अवैध असलाह बना रहे हैं। इनकी मांग के हिसाब से बिक्री की जाती है। इस पर पुलिस टीम को लगाया गया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें गोबर चौकी निवासी सलीम खान, हरीपर्वत चौराहा निवासी आकाश और पृथ्वीनाथ फाटक निवासी अब्दुल सलीम हैं। आरोपियों से एक बंदूक 12 बोर, रायफल 315 बोर, एक पोनिया, पांच तमंचे, 27 कारतूस बरामद किए गए। 
इसके अलावा तमंचे बनाने का सामान ट्रिगर, पाइप, उपकरण के साथ औजार आदि भी बड़ी संख्या में मिले हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चुनाव के दौरान अवैध असलाह की मांग बढ़ जाती है। इसलिए यह काम करने लगते हैं। जो सामान बरामद हुआ है उससे 60-70 तमंचे तैयार किए जा सकते थे। पुलिस से बचने के लिए यमुना किनारे के जंगल में अड्डा बनाया था। दिन के बजाय रात में काम करते थे।
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10 हजार में रायफल, चार हजार में तमंचा
थानाध्यक्ष न्यू आगरा अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि आरोपियों ने अपना ठिकाना मऊ गांव के जंगल में यमुना किनारे पर बनाया था। सलीम और अब्दुल सलाम खराद का काम करते हैं। इस कारण तमंचे और रायफल बनाना जानते हैं। सलीम जेल जा चुका है। तब उसकी मुलाकात एक अपराधी से हुई। उसने ही उसे तमंचे बनाना सिखाया था। आकाश ग्राहक लाने का काम करता था। रायफल दस हजार, बंदूक छह हजार और तमंचे तीन से चार हजार रुपये में बेचते हैं। 

आरोपियों को पकड़ने के लिए एक सिपाही को ग्राहक बनाया गया। रायफल के रेट लगाए गए। आरोपी दस हजार मांग रहे थे। मगर, सिपाही उनको कम में देने की कहता रहा। इसके बाद उनके ठिकाने तक पुलिस पहुंच गई। सलीम पर आठ, आकाश पर चार और अब्दुल पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। हथियारों की बिक्री बड़ी मात्रा में बदमाशों को करते हैं।

मध्य प्रदेश से लेकर आते हैं कारतूस
तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक ने वर्ष 2018 में लाइसेंसी असलाह लेने वालों का सत्यापन कराया था। इस दौरान कारतूस की बिक्री को भी देखा था। इसमें पाया गया था कि लाइसेंस धारकों के पास ज्यादा कारतूस चढ़े थे। मगर, सत्यापन में लाइसेंस धारक पर कारतूस नहीं मिले थे। बाद में एसएसपी का स्थानांतरण हो गया। 

इसके बाद यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। इसके बाद शस्त्र की दुकानों पर कारतूस की बिक्री में सख्ती की जाने लगी। थानाध्यक्ष न्यू आगरा ने बताया कि अवैध असलाह बनाने वाले कारतूस मध्य प्रदेश से लेकर आते थे। पूछताछ में यह बात बताई है। इसके बार में और छानबीन की जा रही है। 
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