आगरा के इरादतनगर में 15 जून को केनरा बैंक के बाहर पैमा बाबा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज के मुनीम जयप्रकाश से पांच लाख रुपये की लूट का खुलासा हो गया। पुलिस का दावा है कि लूट खुद मुनीम ने कराई थी। दोस्त योगेश कुशवाहा रुपये ले गया था। दोनों ने ढाई-ढाई लाख रुपये बांट लिए थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर रकम बरामद कर ली। रकम को छिपाने पर योगेश की मां और बहन भी फंस गईं। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में कोल्ड स्टोरेज मालिक रामवीर सिंह त्यागी ने मुकदमा दर्ज कराया था। जय प्रकाश त्यागी ने पुलिस से कहा था कि वह साथी जितेंद्र बघेल के साथ कैश निकालने आया था। 10.80 लाख रुपये निकाले थे। 5.80 लाख रुपये जितेंद्र की गाड़ी की डिकी में रख दिए। पांच लाख रुपये हाथ में लगे थैले में थे। जितेंद्र बाइक मोड़ रहा था। तभी बाइक सवार बदमाश हाथ से थैला लूटकर भाग गया। दोनों ने पीछा किया था, लेकिन बदमाश नहीं मिला था।
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एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि लूट के मामले में कोल्ड स्टोरेज के मुनीम जयप्रकाश त्यागी को गिरफ्तार किया है। उसने अपने साथी योगेश कुशवाहा के साथ वारदात को अंजाम दिया था। दोनों से रकम बरामद कर ली गई है। योगेश की मां कस्तूरी देवी और बहन ने लूट की रकम को छिपा लिया था। इसलिए उनको भी गिरफ्तार किया गया है। मुकदमे में धारा अमानत में खयानत की वृद्धि की गई है। आरोपियों को जेल भेजा जो रहा है।
पहले ही दिन से था पुलिस को मुनीम पर शक
एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में घटना की पुष्टि हो गई। जयप्रकाश से पूछताछ में पुलिस को शक हो गया। दूसरे मुनीम जितेंद्र से अकेले में पूछताछ की। उसने बताया कि कोल्ड स्टोरेज पर जयप्रकाश से मिलने एक युवक आया था। दोनों काफी देर तक अकेले में बात करते रहे थे। युवक का और बदमाश का हुलिया मिलता-जुलता था। इससे पुलिस का शक योगेश पर बढ़ गया।
पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें एक युवक नजर आया। उसका हुलिया जितेंद्र को दिखाया। जितेंद्र ने उसे पहचान लिया। पुलिस युवक तक पहुंच गई। वह गांव अहीरपुरा निवासी योगेश कुशवाहा था। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि जयप्रकाश त्यागी का योगेश के घर आना-जाना है। योगेश ही उस दिन उससे कोल्ड में मिलने पहुंचा था। पुलिस योगेश के घर पहुंची। वह नहीं मिला। शक और गहराया।
पुलिस ने गुरुवार को योगेश को गांव महाव से पकड़ लिया। उसके पास से एक लाख रुपये, बाइक, जूते, कपड़े, हेलमेट बरामद कर लिया। डेढ़ लाख रुपये उसने अपनी मां कस्तूरी और बहन को छिपाने के लिए दे दिए थे। उनकी निशानदेही पर यह रकम बरामद हुई। वहीं जयप्रकाश के पास ढाई लाख रुपये थे। जयप्रकाश को पकड़ने के बाद यह रकम भी बरामद कर ली गई।
लूट की रकम से बनवाना चाहता था घर
पुलिस की पूछताछ में योगेश ने बताया कि उसका घर बन रहा है। उसे एक लाख रुपये की जरूरत थी। उसने जयप्रकाश से रुपये मांगे। मगर, उसने मना कर दिया। घटना वाले दिन भी वह रुपये मांगने गया। जयप्रकाश ने उससे कहा कि मैं बैंक जा रहा हूं।
पांच लाख रुपये थैले में रख दूंगा। बाकी रकम डिक्की में। मेरे इशारा करते ही थैला लूटकर फरार हो जाना। पीछा करने पर तमंचा दिखाते हुए निकल जाना। हम ज्यादा दूर तक नहीं आएंगे। बाद में रकम आधी बांट लेंगे। योगेश ने ऐसा ही किया। मुनीम के पहुंचने से पहले बैंक के पास पहुंच गया। पेड़ के नीचे खड़ा हुआ था। जैसे ही मुनीम बाहर निकले उसने थैला लूट लिया।
टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार दिया
आईजी रेंज ए सतीश गणेश और एसएसपी बबलू कुमार ने खुलासे में शामिल पुलिस टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार दिया है। टीम में थाना इरादतनगर के प्रभारी निरीक्षक सूरज प्रसाद, निरीक्षक नरेंद्र सिंह, एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित, निरीक्षक कमलेश सिंह, सैंया थाना प्रभारी निरीक्षक बैजनाथ सिंह, डौकी थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार आदि शामिल थे।