कांग्रेस द्वारा प्रवासी मजदूरों के लिए उत्तर प्रदेश में बसें भेजने को सियासी संग्राम मचा रहा। मंगलवार शाम को गिरफ्तार किए गए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू, उपाध्यक्ष प्रदीप माथुर और पूर्व एमएलसी विवेक बंसल शाम को कोर्ट से साढ़े चार बजे 20-20 हजार के निजी मुचलकों पर 16 जुलाई तक के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया।
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इसके तुरंत बाद ही पुलिस ने लखनऊ के मामले में लल्लू को गिरफ्तार कर लिया। इस पर कांग्रेसियों ने हंगामा कर दिया, वे जीप के आगे लेट गए। पुलिस ने उन्हें बलपूवर्क हटाया और लल्लू को ले गई।
इनकी रिहाई के लिए आगरा में कांग्रेसियों ने दिन भर हंगामा प्रदर्शन किया। इन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच शाम को कोर्ट में पेश किया गया। उधर फतेहपुर सीकरी के ऊंचा नगला में राजस्थान सरकार को मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, जुबेर खान, विधायक योगेंद्र सिंह अवाना सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी पहुंच गए थे। इसे देखते हुए पुलिस और पीएसी लगाई गई। कांग्रेस नेताओं और पुलिस अफसरों केबीच कई बार गर्मागर्मी हुई। एसडीएम किरावली नंद किशोर ने बताया कि बसों के यूपी में प्रवेश की अनुमति नहीं थी, इस कारण इन्हें रोका गया।
बता दें कि मंगलवार को उत्तर प्रदेश-राजस्थान बॉर्डर पर कांग्रेस की बसों को प्रवेश नहीं मिलने के कारण अजय कुमार उर्फ लल्लू सहित कुछ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था और आगरा में पुलिस लाइन में रखा था। उन पर लॉकडाउन के उल्लंघन की धारा और महामारी एक्ट लगाया गया।
16 जुलाई को कोर्ट में पेश होंगे कांग्रेस नेता
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू, उपाध्यक्ष प्रदीप माथुर और पूर्व एमएलसी विवेक बंसल को पुलिस ने रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। अधिवक्ता रामदत्त दिवाकर और यशपाल राणा ने जमानत के लिए याचिका दी। हालांकि जमानती पेश न किए जाने के कारण अंतरिम जमानत दी गई। तीनों को 20-20 हजार के निजी मुचलकों पर छोड़ा गया। रामदत्त्त दिवाकर ने बताया कि पेशी के लिए 16 जुलाई की तारीख लगाई गई है।
लखनऊ के मामले में की जाएगी पेशी
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने कांग्रेस नेता अजय सिंह लल्लू को लखनऊ पुलिस अपने साथ ले गई है। उनके खिलाफ फतेहपुर सीकरी और लखनऊ में केस दर्ज किए गए थे। सीकरी के केस में अंतरिम जमानत मिल गई। अब लखनऊ पुलिस उन्हें वहां की कोर्ट में पेश करेगी।
खटारा बसों से मजदूरों को खतरा था : धर्मेश
यूपी के समाज कल्याण राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश का कहना है कि कांग्रेस ने जो बसें भेजीं, उनके रजिस्ट्रेशन ऑटो, एंबुलेंस के थे। फिटनेस सर्टिफिकेट थे नहीं, ऐसे में मजदूरोें को कैसे भेजा सकता था? बसें खटारा थीं, उनसे मजदूरों को खतरा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी मजदूरों के लिए सिर्फ बसों की ही नहीं, बल्कि भोजन-पानी तक की व्यवस्था की है। भाजपा सरकार वास्तव में व्यवस्था कर रही है। कांग्रेस सिर्फ ड्रामा कर रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष और शहर अध्यक्ष पर मुकदमे
पुलिस लाइन और दीवानी में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के हंगामे के मामले में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसमें कांग्रेस की जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित, शहर अध्यक्ष सहित अन्य को नामजद किया गया है। पहला मुकदमा थाना नाई की मंडी में दर्ज हुआ। इसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित और प्रदेश महासचिव शबाना खंडेलवाल को नामजद किया गया है। वही नौ पदाधिकारी और कार्यकर्ता अज्ञात में हैं।
इन्होंने पुलिस लाइन के गेट पर नारेबाजी की थी। पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन और लॉक डाउन के उल्लंघन की धारा लगाई है। वहीं दूसरा मुकदमा थाना न्यू आगरा में दर्ज किया गया है। इसमें दीवानी में हुए हंगामा के मामले में कार्रवाई की गई है।
थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों में जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित, शहर अध्यक्ष देवेंद्र कुमार चिल्लू, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष बिलाल अहमद को नामजद किया गया है। इसमें 50 अज्ञात आरोपी हैं। इन पर भी लॉकडाउन और धारा 144 के उल्लंघन में कार्रवाई की गई।