इस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि रूबी की तलाश के लिए टीम लगाई थी। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि वह खंदारी क्षेत्र में किराये पर कमरा लेकर रह रही है। इस पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेज दिया गया।
पोस्ट ग्रेजुएशन किया, बुटिक में नौकरी
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि रूबी नौ साल से फरार थी। तब उसकी उम्र 21 साल थी। अब वह 30 साल की है। उससे पूछताछ में पता चला कि वह मथुरा में किराए का मकान लेकर रहने लगी थी। उसके पिता रविंद्र और भाई सुनील जेल से जमानत पर बाहर आ गए, जबकि मां और बहन अब भी जेल में बंद हैं। रूबी परिवार के लोगों से संपर्क नहीं करती थी।
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इस दौरान पढ़ाई भी करती रही। पांच साल पहले वह आगरा आ गई। यहां भी अपने घर नहीं गई। किराए के मकानों में रह रही थी। उसने पोस्ट ग्रेजुएशन भी कर लिया। एमए कर लिया है। अब एक बुटिक में काम कर रही थी। तभी पुलिस को सूचना मिल गई।