केंद्र सरकार के वैट कम करने से 48 घंटे में डीजल 12.11 रुपये और पेट्रोल 11.69 रुपये सस्ता हुआ है। पेट्रोलियम पदार्थ के लगातार दाम बढ़ने से लोगों को राहत मिली, लेकिन लोगों का यही कहना है कि डीजल-पेट्रोल के दाम और कम होने चाहिए। इससे सामान्य आय वाले परिवार पर पेट्रोल-डीजल की महंगाई की मार कम पड़े।
आगरा पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश मल्होत्रा ने बताया कि तीन से पांच नवंबर तक दो बार कीमतें कम हुई हैं। तीन नवंबर को पेट्रोल के दाम 107.12 रुपये और डीजल का भाव 99.04 रुपये था। चार नवंबर को केंद्र सरकार के वैट कम करने पर पेट्रोल के दाम 101.22 रुपये और 87.22 रुपये डीजल मिला। छह नवंबर को फिर कीमतें कम हुईं और पेट्रोल शनिवार सुबह से 95.02 रुपये और डीजल 86.53 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
किसान संघ ने जताया आभार
भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष मोहन सिंह चाहर ने केंद्र सरकार के पेट्रोल-डीजल पर करीब 12-12 रुपये कम करने पर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार तेल कंपनियों पर नियंत्रण रखे और इनकी कीमतें नहीं बढ़ें, जिससे और राहत मिलेगी।
'24 रुपये बढ़ाए, 12 रुपये कम कर दिए'
दयालबाग के किसान नेता सत्यवीर चौधरी ने कहा कि इन 11 महीने में डीजल-पेट्रोल के दामों पर 24 रुपये प्रति लीटर बढ़े और अब करीब 12-12 रुपये कम कर दिए हैं। उप चुनावों में हार के कारण यह किया है। इनके कीमत और घटाई जाएं, इससे महंगाई ओर खेती की लागत भी कम होगी।
'पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर काबू रखे सरकार'
गृहिणी गीता सारस्वत ने कहा कि नौकरी-पेशा वाले व्यक्ति को पेट्रोल कम होने से बड़ी राहत मिली है। सरकार से मांग है कि तेल कंपनियों पर नियंत्रण रखे और इनकी कीमतें नहीं बढ़ाई जाएं। पेट्रोल-डीजल के दामों 80 रुपये तक आने चाहिए।
'80 रुपये तक लाएं पेट्रोल की कीमत'
कमला नगर के युवा उद्यमी ऋतिक जौहरी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने से सरकार ने राहत तो दी है, लेकिन प्रधानमंत्री से मांग है कि पेट्रोल के दाम और कम करे, कीमत 80 रुपये से अधिक नहीं हों। इससे दुपहिया वाहन चलाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
ट्रांसपोर्ट उद्योग को मिलेगी बड़ी राहत
आगरा महानगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव मुकेश कुमार गर्ग ने कहा कि कोविड काल से बेपटरी हुआ ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने से पटरी पर लौटेगा। तेल कंपनियों की पॉलिसी से व्यवसाय चौपट होता जा रहा था। दामों में इतना उतार-चढ़ाव हो रहा था कि ट्रांसपोर्टर को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब राहत की उम्मीद बढ़ गई है।
ऐसे बढ़े दाम (रुपयों में)
तिथि पेट्रोल डीजल
चार जनवरी 83.62 74.22
चार फरवरी 85.86 77.47
चार मार्च 89.32 81.84
चार अप्रैल 88.86 81.25
चार मई 88.87 81.32
चार जून 92.07 86.06
चार जुलाई 96.69 89.76
चार अगस्त 98.96 90.27
चार सितंबर 98.57 89.26
चार अक्तूबर 99.62 91.80
तीन नवंबर 107.12 99.04
चार नवंबर 101.22 87.22
पांच नवंबर 95.43 86.93
छह नवंबर 95.02 86.53