ताजमहल पर सैलानियों के बढ़ने के साथ पेठे की भी मिठास बढ़ने लगी है। लॉकडाउन के जख्म भुलाकर उद्योग बड़ी तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है। बीते एक माह के अंतराल में कारोबार 50 से 75 फीसदी पर आ गया है। करीब 80 हजार लोगों को दोबारा रोजगार मिलना शुरू हो गया है।
आगरा का पेठा ताजमहल जितना ही प्रसिद्ध है। लेकिन बीते कुछ माह संकट भरे गुजरे हैं। काम ठप होने से काफी नुकसान हुआ। कारखाने बंद होने से कई लोगों का रोजगार छिन गया। मगर, पिछले कुछ दिनों से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने से राहत मिलनी शुरू हो गई है।
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कारोबार 75 फीसदी पर आया
पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पेठा उद्योग में रौनक आई है। पेठे के अलावा सर्दियों की वस्तुएं जैसे रेवड़ी, गजक की बिक्री हो रही है। कारोबार 75 फीसदी पर आ गया है।
- राजेश अग्रवाल, अध्यक्ष शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन