आगरा के थाना एत्माद्दौला में मोती महल के पास रविवार दोपहर एक बजे तीन युवक आए और अंबेडकर पुल से यमुना में बंद हो चुके 500 और एक हजार के पुराने नोटों से भरे चार बैग फेंक कर चले गए। यमुना किनारे पर खेल रहे बच्चों को एक बैग मिल गया। बैग में पुराने नोट देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। लोग नोट लेकर चले गए। हालांकि पुलिस ने घटना की जानकारी से इनकार किया है।
लोगों ने बताया कि दोपहर में एक लग्जरी कार अंबेडकर पुल पर आकर रुकी। उसमें तीन युवक सवार थे। उनमें से दो कार से उतरे। उनके हाथ में कपड़े के चार बैग थे। युवकों ने अचानक बैग यमुना में फेंक दिए। किनारे पर मोती महल के पास पुल के नीचे सात-आठ बच्चे खेल रहे थे। उन्होंने बैग यमुना में फेंकते युवकों को देख लिया।
एक बैग किनारे पर गिरा। उसे बच्चों ने निकाल लिया। बच्चों ने जब बैग खोलकर देखा तो उसमें 1000 और 500 के पुराने नोट देखकर हैरान रह गए। बैग में एक हजार की तीन और 500 की सात गड्डी (6.5 लाख रुपये) रखी थी। बच्चों को नोटों के साथ खेलता देखकर आसपास के लोग भी जुट गए।
लोगों ने बच्चों से नोट छीन लिए। काफी देर तक नोटों को लेकर भीड़ लगी रही। इसके बाद लोग नोट लेकर चले गए। चर्चा है कि अन्य तीन बैग में भी नोट थे। वह पानी में बह गए। इंस्पेक्टर थाना एत्माद्दौला का कहना है कि पुराने नोट मिलने के बारे में थाने पर कोई सूचना नहीं दी गई है।
ठिकाने लगा रहे पुराने नोट
पुराने नोटों से भरे बैग
- फोटो : अमर उजाला
नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद पुराने नोट 50 दिन तक जमा किए गए थे। इसके बाद भी जो लोग नोट जमा नहीं कर पाए, उनके लिए आरबीआई में नोट जमा करने के लिए मार्च 2017 तक का समय दिया गया था। लोगों के बीच यही चर्चा रही कि जो नोट यमुना में फेंके गए वह जमा नहीं कराए जा सकें होंगे। कालाधन भी हो सकता है, जिनको अब ठिकाने लगाया जा रहा है।
कौन थे कार सवार युवक
आखिर कार सवार युवक कौन थे, जिन्होंने नोट फेंके। यह सवाल भी लोगों की जुबान पर है। एक खोखे वाले ने बताया कि कार के रुकने पर उसे शक हुआ था। युवकों ने जल्दी में बैग फेंके। जब तक वह पहुंचा, तब तक युवक कार लेकर यमुना किनारा की ओर चले गए।