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स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी: खतरे में मरीजों की जान, 40 अस्पतालों के आईसीयू में खामियां, फिर भी कार्रवाई नहीं

Thu, 03 Sep 2026 10:24 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

स्वास्थ्य विभाग की जांच में आगरा के 40 निजी अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों में कई गंभीर खामियां मिली थीं, लेकिन दो सप्ताह बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मानकों की कमी के बावजूद मरीजों का इलाज जारी है, जबकि विभाग अब दोबारा भौतिक सत्यापन की तैयारी कर रहा है।
 
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hospital demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई गंभीर मरीजों पर कभी भी भारी पड़ सकती है। इनकी चुप्पी से बदहाल आईसीयू अब भी संचालित हो रहे हैं। गंभीर मरीज भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। महज दो हफ्ते पहले ही हुई जांच में 40 निजी अस्पतालों की बड़ी पोल खुली थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसरों ने सिर्फ नोटिस थमाकर खानापूर्ति कर ली। धरातल पर ठोस कार्रवाई न होने से लगातार खतरा मंडरा रहा है।
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जिले में स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक कुल 1,241 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनमें 486 अस्पताल, 150 पैथोलॉजी लैब और 605 क्लीनिक हैं। कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग की 15 अलग-अलग टीमों ने औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान 40 निजी अस्पतालों के आईसीयू की स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। वहां वेंटिलेटर, बाईपैप मशीन (बिना चीरा लगाए सांस देने वाला उपकरण), सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम समेत कई में खामियां मिलीं। सबसे खतरनाक पहलू यह था कि इन गंभीर इकाइयों में एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था।

मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे इन अस्पतालों को नोटिस जारी हुए। मगर दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी विभाग ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। नतीजा यह है कि अधूरे मानकों में ही आईसीयू में मरीजों का इलाज अब भी धड़ल्ले से हो रहा है। जरा सी चूक किसी की भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में किसी भी अस्पताल में गंभीर मरीज को भर्ती कराने से पहले वहां के आईसीयू की वैधता और डॉक्टरों की उपलब्धता की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए।
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इस मामले पर सीएमओ प्रभारी डॉ. अमित रावत का कहना है कि कुछ अस्पतालों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। विभाग इन सभी रिपोर्टों का आकलन कर रहा है। इसके बाद टीमें दोबारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगी। यदि कमियां दुरुस्त नहीं मिलीं, तो आईसीयू संचालन की अनुमति निलंबित कर दी जाएगी।

वहीं, आईएमए अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच का कहना है कि उन्होंने भी आईसीयू में जरूरी सभी मानक पूरा करने के लिए बैठक कर निर्देशित किया था। एक बार फिर सभी से मिली कमियों को पूरा करने के लिए कहा जाएगा।
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