आगरा श्री पारस अस्पताल में 26 और 27 अप्रैल को क्या हुआ, क्या दमघोंटू मॉकड्रिल हुई, क्या पांच मिनट ऑक्सीजन बंद करने से 22 मरीजों की मौत हुई। वीडियो की पूरी हकीकत क्या है, इस पूरे मामले के लिए तीन टीमें बनीं। इसमें एसएन मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग और आईएमए के वरिष्ठ चिकित्सक रहे। प्रशासन की टीम में शामिल चिकित्सकों को कोई गड़बड़ी नहीं मिली है, क्लीन चिट दे दी है। बाकी की दो कमेटी की जांच भी अब औपचारिक है।
जांच टीम एक :
प्रशासन की टीम ने दी क्लीन चिट
प्रशासन ने मामले की जांच के लिए कमेटी में एसएन मेडिकल कॉलेज के तीन विशेषज्ञ और स्वास्थ्य विभाग के एक डिप्टी सीएमओ को जिम्मेदारी सौंपी। करीब 10 दिन की जांच के बाद चिकित्सकों को कोई गड़बड़ी नहीं मिली और क्लीन चिट दे दी।
प्रशासन की जांच टीम के चिकित्सक
- डॉ. बलवीर सिंह, मेडिसिन विभागाध्यक्ष, एसएन मेडिकल कॉलेज
- डॉ. त्रिलोक चंद्र पिप्पल, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष एसएन मेडिकल कॉलेज
- डॉ. रिचा गुप्ता सहायक प्रोफेसर एनेस्थीसिया एसएन मेडिकल कॉलेज
- डॉ. पीके शर्मा, डिप्टी सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग
श्री पारस अस्पताल आगरा
- फोटो : अमर उजाला
जांच टीम दो:
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल सील करने के बाद कुछ नहीं किया
दमघोंटू मॉकड्रिल की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की आंतरिक कमेटी बनी, जिसमें तीन एसीएमओ को जिम्मेदारी दी गई। अस्पताल सील करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जांच भी ठंडी पड़ गई। अभी जांच में क्या चल रहा, इसका भी कोई जवाब नहीं दिया जा रहा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम के चिकित्सक
- डॉ. वीरेंद्र भारती, एसीएमओ और पीसीपीएनडीटी सेल प्रभारी
- डॉ. संजीव वर्मन, एसीएमओ और जिला टीकाकरण प्रभारी
- डॉ. आरके अग्निहोत्री, एसीएमओ और अपंजीकृत अस्पताल सेल प्रभारी, टीम के सहायक
जांच टीम तीन
आईएमए भी प्रशासन की राह पर
दमघोंटू मॉकड्रिल की जांच में आईएमए ने भी पांच सदस्यीय कमेटी बनाई। आरोपी चिकित्सक के बयान दर्ज हुए, उनसे वीडियो के बारे में प्रश्न भी पूछे, उनके जवाबों से समिति संतुष्टि हुई। वीडियो पर विशेषज्ञों ने भी मॉकड्रिल की बात को दरकिनार कर दिया। यह टीम भी क्लीन चिट देने की तैयारी में है।
आईएमए की जांच समिति के चिकित्सक
- डॉ. सुधीर धाकरे, फिजीशियन एवं आईएमए के पूर्व अध्यक्ष
- डॉ. डीवी शर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं आईएमए के पूर्व अध्यक्ष
- डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, रेडियोलॉजिस्ट
- डॉ. शरद गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, आईएमए के पूर्व अध्यक्ष
- डॉ. संजय चतुर्वेदी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, आईएमए के पूर्व सचिव
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