अंसल एपीआई से जुड़े प्लॉट विवाद की प्राथमिकी में विवेचक ने कंपनी के पांच नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टरों को बीएनएसएस की धारा 94 के तहत नोटिस जारी किया है। सभी से मामले से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य पेश करने के साथ अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
अंसल एपीआई के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ थाना जगदीशपुरा में दर्ज प्राथमिकी में विवेचक ने कंपनी से जुड़े पांच लोगों को बीएनएसएस की धारा 94 के तहत नोटिस जारी किए हैं। सभी को केस से जुड़े साक्ष्य और अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है।
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जेआर रायल विला, यूपीएसआईडीसी निवासी आशा रानी शर्मा ने 7 मार्च को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें छिलीईंट रोड निवासी बल्लभ कुमार शर्मा, नई दिल्ली निवासी सुशील अंसल, प्रणव अंसल और अंसल प्रापर्टी एवं आगरा प्रोजेक्ट में शामिल कर्मचारियों पर आरोप लगाए। आरोपियों ने वर्ष 2014 में अपने प्रोजेक्ट सुशांत ताज सिटी में प्लॉट की बात कही। प्लॉट आवंटित भी कर दिया। वर्ष 2015 में कब्जा पत्र भी जारी कर दिया।
12 लाख रुपये अधिक की धनराशि ले ली गई मगर बैनामा और कब्जा दिलाने की कहने पर टालमटोल करने लगे। बाद में पता चला कि जिस प्लॉट का सौदा किया गया, वहां पर खेती हो रही थी। जमीन कंपनी की नहीं थी। मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि कंपनी के रोशन लाल, विपुल गर्ग, संजय जैन, अशोक कुमार वर्मा और कांता देवी को नोटिस दिए हैं। यह सभी नान एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। उन्होंने उनसे कहा है कि संबंधित प्रपत्र पेश करें।