आगरा में नौ गांव मॉडल विलेज बनेंगे। यहां शहर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम होंगे। गलियों में सोलर लाइट चमकेंगी। बारातघर, मिनी स्टेडियम से लेकर इको फ्रैंडली ढाबा खुलेगा। वाहनों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन। मिल्क पार्लर, वाटर एटीएम सहित कई शहरी सुविधाएं मिढ़ाकर क्षेत्र के नौ गांव में विकसित की जा रही हैं।
जिले में 690 गांव हैं। श्याम प्रसाद मुखर्जी रूबर्न मिशन (एसपीएमआरएम) के तहत आगरा में नौ गांव को मॉडल विलेज बनाने की कवायद शुरू हो गई है। करीब 30 करोड़ रुपये इन गांव में शहरी सुविधाएं विकसित करने पर खर्च होंगे। करीब 12 करोड़ रुपये से सभी गांवों में स्ट्रीट लाइट, वाटर एटीएम, एक बारात घर, एक कौशल विकास केंद्र आदि कार्य हो चुके हैं। 18 करोड़ रुपये के काम चल रहे हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक सोलर कोल्ड स्टोर बनेगा। मॉडल विलेज के सरकारी स्कूल भी हाइटेक होंगे। बच्चों के बैठने के लिए स्कूल में बेंच, स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। उप स्वास्थ केंद्र से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाया जा रहा है।
ये गांव बनेंगे मॉडल
पहले चरण में बिचपुरी ब्लॉक के मिढ़ाकुर, अंगूठी, गढ़सानी, लड़ामदा, बरारा, सहारा, सदरवन, नानपुर और सुतैड़ी गांव का चयन मॉडल विलेज के लिए किया गया है।
ये सुविधाएं होंगी
कौशल विकास केंद्र, बारात घर, मिनी स्टेडियम, सोलर स्ट्रीट लाइट, 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए वाटर एटीएम, सांस्कृतिक केंद्र, इको फ्रैंडली ग्रीन ढाबा, मिल्क पार्लर, पशु चिकित्सालय, उप स्वास्थ्य केंद्र, मॉडल आंगनबाड़ी, तालाबों का संरक्षण, वाहनों से डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन, बायो टायलेट, कूड़ा निस्तारण प्लांट आदि।
ग्रामीणों को नहीं आना पड़ेगा शहर
मिढ़ाकुर को क्लस्टर बनाया है। शहर के नजदीक होने के कारण इसका चुनाव किया गया है। सुविधाएं मिलने पर ग्रामीणों को शहर नहीं आना पड़ेगा। -ए मनिकन्डन, मुख्य विकास अधिकारी
जनवरी तक पूरे हो जाएंगे काम
50 फीसदी काम हो चुके हैं। जनवरी तक मॉडल विलेज में सभी काम पूरे हो जाएंगे। इनके अलावा राष्ट्रीय आजीविका मिशन, मनरेगा व अन्य योजनाओं में भी इन गांव को प्राथमिकता मिलेगी। -भीम जी उपाध्याय, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास अभिकरण
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