आगरा-ग्वालियर रोड की हरित पट्टी पर अतिक्रमण और व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में एनजीटी ने उत्तर प्रदेश सरकार समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। याचिका में 509 आर्मी बेस वर्कशॉप से सैंया तक हरित क्षेत्र में पुलिस चौकी, पार्किंग, दुकानें और कार्यशालाएं संचालित होने का आरोप लगाया गया है।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने आगरा-ग्वालियर रोड पर हरित पट्टी के अतिक्रमण और बहाली की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं। यह नोटिस जगन प्रसाद तेहरिया की ओर से दायर अंतरिम आवेदन पर दिया गया है।
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एनजीटी ने आवेदक को दो सप्ताह में प्रतिवादियों को आवेदन की प्रति देने और प्रतिवादियों को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। तेहरिया ने आरोप लगाया है कि 509 आर्मी बेस वर्कशॉप से सैंया तक हरित क्षेत्र पर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। पुलिस चौकी, जब्त वाहनों के पार्किंग स्थल, अस्थायी दुकानें और कार्यशालाएं भी हरित पट्टी पर कब्जा किए हुए हैं। इन अतिक्रमण से पर्यावरण को लगातार क्षति हो रही है।
जिलाधिकारी ने पहले आगरा विकास प्राधिकरण को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। यह क्षेत्र ताज ट्रेपेजियम जोन का हिस्सा है, जहां सर्वोच्च न्यायालय ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई है।