दरिंदगी को याद कर रोने लगते हैं...
बालिका के पिता ने बताया कि हम सभी देवी जागरण के कार्यक्रम में लगे थे। पांच साल की बेटी बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी दरिंदा आया, चॉकलेट खिलाने के बहाने ले जाकर उसके साथ वारदात की। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। 2003 की वह काली रात आज भी उन्हें याद है। पूरा परिवार उस दिन को याद कर रोने लगता है। तब उनके दो बच्चे थे। बेटी बड़ी थी। बेटा छोटा था। बाद में दो बच्चे और हुए। आरोपी ने बेटी की जो हालत की थी उसे भूल नहीं सकते।