"मेरे बेटे से थूक चटवाया। 30 चांटे मारे गए। वह दहशत में है। तनाव से उबर नहीं पा रहा है। स्कूल प्रबंधन ने कुछ नहीं किया। कैसे स्कूल भेज सकता हूं। अब दिल्ली पब्लिक स्कूल में नहीं भेजूंगा। दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाऊंगा।" यह कहना है छह साल के पीड़ित बच्चे के पिता का।
पिता बेटे की हालत से दुखी हैं। एक ही बात बोल रहे हैं, स्कूल की लापरवाही से उनका बच्चा सुरक्षित नहीं है। उधर, पुलिस का कहना है कि स्कूल प्रबंधन और बच्चे के परिजन को शनिवार को बुलाया है।
शाहगंज क्षेत्र के रहने वाले छह साल के बच्चे के साथ आठ साल के बच्चे ने शर्मनाक हरकत की थी। पिता ने बताया कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देता तो बेटा तनाव में नहीं आता। उसके साथ जो हुआ, किसी और के साथ नहीं होना चाहिए।
पुलिस प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। इससे पहले भी उसे टायलेट में बंद कर दिया गया था। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि जांच की जा रही है।