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अमर उजाला सरोकार: अभिभावक बोले- स्कूल न खोलें... ऑनलाइन पढ़ाई को बेहतर करें

Fri, 26 Jun 2020 12:35 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • अभिभावकों का सुझाव : यूनिट टेस्ट और परीक्षाएं भी ऑनलाइन कराई जाएं
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों के छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की राय भी यही है कि जुलाई में स्कूलों को नहीं खोला जाए। स्थिति नियंत्रित होने तक ऑनलाइन माध्यम से ही बच्चों को पढ़ाया जाए। उनका सुझाव है कि ऑनलाइन पढ़ाई को बेहतर किया जाए। यूनिट टेस्ट, परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जाएं। अभिभावकों के साथ बैठक वेबिनार के माध्यम से कराई जा सकती है।
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स्कूल में संक्रमण से बचाव नहीं हो पाएगा
कोरोना के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जुलाई में स्कूल खोलने पर विचार नहीं करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है। स्कूल खुलने पर उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। सरकार को इन बातों का ध्यान रखते हुए कोई निर्णय लेना चाहिए। - आलोक शर्मा , अयोध्या कुंज

कोरोना केस बढ़ रहे... स्कूल खोलना ठीक नहीं
आगरा में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मृत्युदर भी ज्यादा है। प्रशासन ने इसी कारण से धर्मस्थल बंद रखे हैं। ऐसे में स्कूलों को खोलना उचित नहीं होगा। इन परस्थितियों में बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है। स्थिति सामान्य होने तक ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाया जाए। - डॉ. विकास जैन, कमला नगर
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पहले गाइड लाइन बने, फिर स्कूल खोले जाएं
स्कूलों को खोले जाने के लिए पहले गाइड लाइन तैयार की जाए। इस पर विशेषज्ञों की राय ली जाए। फिर एक फार्मूला तैयार हो। स्कूलों के स्टाफ और अध्यापकों को इस बारे में प्रशिक्षित किया जाए। इसके बाद ही स्कूल खोले जाने पर विचार हो। लगातार निरीक्षण हो। -आशीष अग्रवाल, अभिभावक, मारुति एस्टेट

स्कूल खुले तो भी बच्चों को नहीं भेजेंगे
आगरा में रोज संक्रमित मिल रहे हैं। 1100 से ज्यादा केस आ चुके हैं। 80 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। स्कूल खुल भी गए तो हम अपने बच्चों को नहीं भेजेंगे। इस साल तो पढ़ाई ऑनलाइन ही होनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। - अंजलि शर्मा, अभिभावक, शंकर कॉलोनी, शाहगंज

पहले कॉलेज खुलें, इसके बाद स्कूलों पर विचार हो
कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए पहले कॉलेज खोले जाएं। उनके लिए गाइड लाइन हो। वहां स्थिति देखने के बाद बोर्ड परीक्षार्थियों की कक्षाएं लगाई जा सकती हैं। छोटे बच्चों की ऑफलाइन कक्षाएं जुलाई में नहीं लगनी चाहिए। बड़े बच्चे फिर भी अपना ध्यान रख सकते हैं, छोटे बच्चों के लिए मुश्किल होगा। - दीपा परिहार, अभिभावक, नॉर्थ अर्जुन नगर

अगस्त मध्य तक न खोले जाएं स्कूल
बरसात के मौसम में संक्रमण का खतरा अधिक होता है। बच्चों के लिए अगस्त मध्य तक स्कूल नहीं खोले जाने चाहिए। इसके बाद संक्रमण की स्थिति को देखकर शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए सुरक्षा उपायों के साथ स्कूलों को खोलने पर विचार करना चाहिए। इस अवधि तक ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाया जाए। - श्वेता अग्रवाल, अभिभावक, अमरबाग, फेज-वन, दयालबाग

पढ़ाई बाद में, पहले बच्चों की सुरक्षा
धर्मस्थल बंद हैं, शादी में 50 से ज्यादा लोगों की अनुमति नहीं, स्मारक नहीं खोले गए हैं... यह सारी सख्ती संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए है। ऐसे में स्कूल खोला जाना बिल्कुल ठीक नहीं होगा। अगस्त तक स्थिति को देखा जाए। सुधार हो तब विचार किया जाए। हमारे लिए बच्चों की पढ़ाई से पहले उनकी सुरक्षा है। - डॉ. नीलकम, रूई की मंडी

स्कूल में संक्रमण का खतरा रहेगा
अगर स्कूल खोले जाते हैं तो संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। बच्चे स्कूल में खेलेंगे भी, ऐसे में मास्क हटा लेंगे। एक -दूसरे से हाथ मिलाएंगे, उन्हें रोक पाना आसान नहीं होगा। सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं हो पाएगा। ऐसे में यही ठीक रहेगा कि बच्चे घरों के अंदर रहें और ऑनलाइन माध्यम से उनकी पढ़ाई चलती रहे। - जेपी त्यागी, रामबाग
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स्कूल ज्यादा दिन बंद रहे तो टेस्ट भी ऑनलाइन

आईसीएसई में कार्यकारी सदस्य, आगरा जोन के समन्वयक व सेंट पीटर्स कॉलेज के प्रधानाचार्य फादर एंड्रयू कोरिया का कहना है कि स्कूलों के सामने बिल्कुल नया अनुभव है। अप्रैल में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराने में कुछ दिक्कतें आईं। करते-करते बहुत सी चीजें ठीक हो गई हैं। 

सभी शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से पढ़ा रहे हैं। स्कूल ज्यादा दिन तक बंद रखे गए थे, ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई के साथ ऑनलाइन टेस्ट की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई को गंभीरता से लें। कोरोना महामारी के बीच बहुत कुछ पिछड़ गया है

- आईसीएसई (दसवीं)  की अभी तक चार प्रश्नपत्रों की परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं। 
- ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराए जाने की वजह से यूनिट टेस्ट नहीं हो पाए हैं।
- ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई में पाठ्य सहगामी गतिविधियां नहीं संचालित हो पा रही हैं।
- 12 विद्यालय संचालित हैं जिले में आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त 
- 30 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं इन विद्यालयों में 
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