प्रेमिका की शादी तय होने से प्रेमी गुस्सा हो गया। जिस लड़के से शादी तय हुई, उसकी बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही आरोपी को दबोच लिया। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी है।
आगरा में सेंट पीटर्स काॅलेज के सामने शनिवार रात को क्योस्क संचालक अजय कुशवाह की हत्या की वजह एक युवती से रिश्ता तय करना बन गया। युवती के आशिक ने पहले उसे धमकी दी। बात नहीं बनी तो बात करने के बहाने रोककर गोली मार दी। पुलिस ने 24 घंटे बाद रविवार रात को मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी अरबाज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की घेराबंदी पर उसने गोली चलाई थी, जिस पर जवाबी कार्रवाई में उसे पैर में गोली लग गई। उसको तमंचा किराये पर देने वाला फरहान भी पकड़ा गया।
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मंडी सईद खां निवासी अजय कुशवाहा संजय प्लेस में क्योस्क चलाते थे। शनिवार रात को वह घर आ रहे थे। सेंट पीटर्स काॅलेज के सामने रास्ते में बाइक पर आए दो युवकों ने रोक लिया था। इसके बाद सिर में गोली मार दी थी। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए टीम लगी थीं।
पुलिस को कुछ सुराग मिले थे। जांच में हत्यारोपियों के बारे में जानकारी मिल गई। पता चला कि जिस युवती से अजय का रिश्ता हुआ था, उसके प्रेम संबंध पूर्व में अरबाज नामक युवक से हुआ करते थे। रिश्ता होने पर नई आबादी, हमीद नगर गड्ढा, शाहगंज निवासी अरबाज ने अजय को धमकाया था।
एक बार अनजान नंबर से काॅल भी किया था। कहा था कि रिश्ता तोड़ दे। मगर, अजय नहीं माना। उसने कहा कि पहले जो हुआ, उससे उसका कोई लेना-देना नहीं है। रिश्ता तोड़ने से मना कर दिया। इससे अरबाज गुस्से में आ गया। उसने हत्याकांड को अंजाम दिया।
दोस्तों के साथ बनाई योजना
रविवार रात 11 बजे पुलिस ने आरोपी अरबाज को ट्रांसपोर्ट नगर में घेर लिया। उसने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस ने भी बचाव में फायरिंग की। इसमें अरबाज पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि हत्याकांड में उसके दोस्त शाहगंज निवासी शाहरुख और बबलू भी साथ थे। वह फरार हैं। तीनों ने साथ मिलकर ही हत्या की योजना बनाई थी। अब पुलिस यह पता कर रही है कि मंगेतर युवती को जानकारी थी या नहीं।