फतेहाबाद। अभय (8) के अपहरण और हत्या की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने चिट्ठियों में मिले सुरागों के आधार पर सुलझा ली है। करीब 80 दिन पहले अपहृत अभय के परिजन को 80 लाख की फिरौती के लिए दो बार चिट्ठियां भेजी गई थीं, जिनमें संकेत के तौर पर हरी झंडी लगाने की बात कही गई थी। इन्हीं चिट्ठियों के आधार पर पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसकी निशानदेही पर शनिवार को मनियां थाना क्षेत्र में जमीन में दफन अभय का शव बरामद किया गया।
फतेहाबाद के विजय नगर कॉलोनी में अपहृत अभय प्रताप घर के बाहर 20-25 दिन पहले एक चिट्ठी एक दुकान के बाहर मिली थी। इसमें लिखा था कि पैसे की व्यवस्था होने पर रोड पर हरी झंडी लगा दी जाए। परिजनों ने उसी रात आगरा-फतेहाबाद मार्ग पर दो विद्युत पोलों पर हरी झंडी लगा दी। कुछ दिन बाद दूसरी चिट्ठी आई, जिसमें उटंगन नदी के पास झंडी लगाने को कहा गया। इन संकेतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच तेज की और कॉलोनी में दुकान करने वाले एक व्यक्ति को संदिग्ध मानते हुए उसका मोबाइल नंबर ट्रैक किया। लोकेशन संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो वह टूट गया और बताया कि बच्चा मनिया में एक अन्य व्यक्ति के पास जिंदा है।
शनिवार सुबह आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम उसे लेकर रवाना हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्चे की हत्या कर शव को मनियां थाना क्षेत्र के पास जमीन में दफना दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जमीन खुदवाई और अभय का शव बरामद किया।