बटेश्वर पहुंचे डीसीपी पूर्वी अभिषेक कुमार अग्रवाल, ब्रह्मलाल महाराज को पूजा, घाटों का किया निर
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बाह। बटेश्वर का लोक मेले देवोत्थान एकादशी से शुरू होगा। मेले के लिए मंगलवार को डीसीपी पूर्वी अभिषेक कुमार अग्रवाल ने बटेश्वर के घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सहूलियत के लिए स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए। बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान पर्व पर नदी में मोटरबोट के साथ एसडीआरएफ और पीएसी की टीम मुस्तैद रहेगी। मंदिर में सीसीटीवी कैमरे से चैन स्नेचर और जेबकतरों पर नजर रखी जाएगी। डीसीपी पूर्वी के मुताबिक मंदिर के रास्तों पर यातायात एवं अग्नि हादसों से बचाव के लिए फायर ब्रिगेड की तैनाती रहेगी। पार्किंग स्थल पर व्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि हर प्वाइंट पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात होंगे। महिला पुलिस की तैनाती की जाएगी। मेले में फोर्स की कोई कमी नहीं रहेगी। इससे पहले उन्होंने ब्रह्मलालजी महाराज मंदिर में पूजा की। पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी, अशोक गोस्वामी, सोनम गोस्वामी, राकेश वाजपेयी ने पूजा कराई। स्थलीय निरीक्षण के बाद मातहतों के साथ बैठक कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। इस दौरान एसीपी बाह गिरीश कुमार, मेला कोतवाल सतीश चंद्र, जिला पंचायत के इंजीनियर लव कुमार, प्रेम प्रकाश, धारा सिंह आदि मौजूद रहे।
पशु मेला संपन्न, उखड़ने लगी मवेशियों के शृंगार के सामानों की दुकानें
बाह। ऊंट के बाद मंगलवार को बटेश्वर का घोड़ा और खच्चर मेला भी संपन्न हो गया। विदिशा से 10 खच्चर लेकर आए साबिर भाई मवेशी के साथ गढ़ मुक्तेश्वर मेले के लिए रवाना हो गए। मुजफ्फरनगर के शकील ने बताया कि 17 में से 7 घोड़े बिके हैं। 10 घोड़े लेकर पुष्कर मेला के लिए जा रहे हैं। फतेहपुर के मुख्तार ने बताया कि 4 घोड़ों में से 2 बिके हैं, 3 खरीदे हैं। अब गढ़ मुक्तेश्वर मेले के लिए निकल रहे हैं। बदायूं के शफीक अहमद के 7 में से 3 घोड़े बिके हैं, 4 घोड़े गढ़ मुक्तेश्वर के मेले के लिए ले गए। बदायूं के ही बबलू, आरिफ अपने 9 और 8 घोड़े लेकर गढ़ मुक्तेश्वर के लिए निकल लिए। बदायूं के शमसुल अपने 4 घोड़ों के साथ पुष्कर के मेले के लिए निकल लिए। बरेली के इकबाल ने बताया कि 10 में से 3 खच्चर बिके हैं। 7 खच्चर लेकर गढ़ मुक्तेश्वर के मेले में जा रहे हैं। पशु मेला संपन्न होने के साथ ही मवेशी के शृंगार के सामानो की दुकानें भी उखड़ने लगी हैं। दुकानदारों ने बताया कि अब गढ़ मुक्तेश्वर के मेले में अपनी दुकानें लगाएंगे।
मेले में संतों के अखाड़े में जलभराव, सामान भीगा
बटेश्वर को पांचवें महाकुंभ का दर्जा दिलाने के लिए शाही स्नान को पहुंचे हैं संत
बाह। बटेश्वर मेले में संतों के अखाड़े में बारिश का पानी भर गया है। परिसर में कीचड़ हो गया। तंबू भीग गए। मंगलवार को दिनभर अखाड़ों में पानी निकासी में संत और उनके अनुयाई जूझते रहे। बटेश्वर को पांचवें महाकुंभ का दर्जा दिलाने के लिए महामंडलेश्वर बाबा बालकदास के नेतृत्व में संत और नागा देवोत्थान एकादशी, कार्तिक पूर्णिमा, दौज को शाही स्नान करते हैं। लोक मेले में धर्म और अध्यात्म की बयार बहाई जाती है। संतों ने मेला क्षेत्र में अपने अखाड़े जमाए हैं। लेकिन बारिश का पानी भरने से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विष्णुधाम आश्रम बुलंदशहर के स्वामी रामानंद सरस्वती ने बताया कि पानी भरने की वजह से खाना बनाने तक में परेशानी हो रही है। खाद्य सामग्री भीग गई है। वहीं बाबा बालकदास का अखाड़ा अभी पूरी तरह से आबाद नहीं हुआ है। बारिश का पानी भरने से अखाड़े के लिए लाया गया सामान भीग गया है। चरणदास महाराज, खड़ेश्वरी महाराज के अखाड़े में भी कीचड़ हो गए हैं। खाद्य सामग्री भीग गई। संत समाज ने जिला पंचायत से तंबू की सुरक्षा के लिए पॉलीथिन मुहैया कराए जाने, अखाड़ों में भरे पानी की निकासी और कीचड़ की सफाई कराए जाने की मांग की है। संवाद