आगरा। इनर रिंग रोड के पास ग्रेटर आगरा का भूमि पूजन होने के बाद अब आगरा अर्बन सेंटर की तैयारी है। ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर मथुरा से आगरा के बीच के 44 गांवों की 144 वर्ग किमी. जमीन पर आगरा अर्बन सेंटर बनाया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने इसका ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 जारी कर दिया है, जिस पर आपत्तियां मांगी गई हैं। ड्राफ्ट मास्टर प्लान के मुताबिक 16 लाख लोगों के रहने के साथ आगरा अर्बन सेंटर में 10 लाख लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
ग्रेटर आगरा के साथ ही मथुरा से आगरा के बीच प्रस्तावित आगरा अर्बन सेंटर के ड्राफ्ट मास्टर प्लान में नए शहर को औद्योगिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यीडा ने आगरा अर्बन सेंटर को मथुरा के तीन, हाथरस के चार और आगरा के 37 गांवों पर बसाने की योजना बनाई है। यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर मौजूद इस नए शहर को दिल्ली-एनसीआर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
यीडा का अनुमान है कि वर्ष 2041 तक इस अर्बन सेंटर की कुल आबादी लगभग 16.5 लाख हो जाएगी। आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से यहां लगभग 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसमें औद्योगिक, आईटी, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
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टीटीजेड के कारण लगेंगे केवल व्हाइट और ग्रीन उद्योग
ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) की सीमा में होने के कारण आगरा अर्बन सेंटर में यीडा केवल ग्रीन और व्हाइट उद्योगों (गैर-प्रदूषणकारी) को लगाने की अनुमति देगा। नए शहर में परिवहन और कनेक्टिविटी के लिए खंदौली इंटरचेंज के पास एक मल्टी-माॅडल ट्रांसपोर्ट हब और कुबेरपुर इंटरचेंज के पास एक मल्टी-माॅडल लॉजिस्टिक्स हब प्रस्तावित किया गया है। आंतरिक आवाजाही के लिए एलआरटी (लाइट रेल ट्रांजिट) और पीआरटी (पर्सनल रैपिड ट्रांजिट) जैसे आधुनिक साधन होंगे। यमुना और करवन नदियों के किनारे दो विशेष पर्यटन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। खेल गांव और सम्मेलन के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 15 साल में पूरी तरह तीन चरणों में तैयार होने वाले नए शहर में स्कूल, अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाएं होंगी और हर श्रेणी के मुताबिक घर बनाए जाएंगे।