आगरा। शहर के 63 चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें, सेंसर, सीसीटीवी कैमरों के साथ ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लगाया गया था, लेकिन इनमें से 15 चौराहों पर ट्रैफिक सिस्टम ठप हो चुका है। आगरा स्मार्ट सिटी ने शुक्रवार को हुई 40वीं बोर्ड बैठक में मंडलायुक्त के सामने यह बात स्वीकार की। उन्होंने 15 चौराहों पर लगी लाइटों, कैमरों आदि को ठीक कराने के लिए शासन से बजट मांगने के लिए कहा है। अन्य चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें चालू रहें और कैमरों से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान की कार्रवाई हो, इसके लिए मंडलायुक्त ने निर्देश दिए हैं।
मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह ने 63 चौराहों पर ट्रैफिक सिस्टम पर सवाल उठाए तो स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण आईटीएमएस जंक्शन प्रभावित हैं। इससे स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और चालानों की संख्या में कमी आई है। जो चालान हुए भी हैं, उनमें जुर्माने की वसूली नहीं हो पाई है। मंडलायुक्त ने स्मार्ट सिटी के कैमरों से किए गए चालानों की वसूली के लिए डीएम को स्मार्ट सिटी, ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ आदि से बैठक करने और शत प्रतिशत वसूली करने के निर्देश दिए।
पेठा और ऑर्गेनिक कचरे से बनाई जाएगी गैस
स्मार्ट सिटी मिशन सिटी 2.0 के तहत आगरा में पेठा और होटल, रेस्तरां से निकलने वाले ऑर्गेनिक कचरे से गैस बनाने के प्लांट की जानकारी दी गई। स्मार्ट सिटी के सीडीओ सौरभ अग्रवाल ने मंडलायुक्त को बताया कि वेस्ट टू गैस प्लांट की स्थापना पीपीपी मॉडल पर की जाएगी। इस पर 113 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह प्रोजेक्ट स्वीकृत हो चुका है। डीपीआर के लिए निविदा जारी हो चुकी है। शहर में 650 से ज्यादा होटलों और रेस्तरां के साथ पेठा इकाइयों का ऑर्गेनिक कचरा इसमें इस्तेमाल किया जाएगा। सिटी एप मेरा आगरा के बारे में बताया कि 31 हजार यूजर्स एप का लाभ उठा रहे हैं। मंडलायुक्त ने मेरा आगरा एप का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करने और उपयोग पर जोर दिया। इस दौरान डीएम मनीष बंसल, सीईओ संतोष कुमार, एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मौली आदि की मौजूदगी रही।