पिछले डेढ़ साल से तकरीबन 20 से अधिक केस में विवेचना चल रही हैं। इनमें तकरीबन 40 पुलिसकर्मियों सहित अन्य के बयान दर्ज होना बाकी है। नोटिस दिया जा चुका है। मगर, यह अब तक नहीं आए हैं। आगरा खंड के अपर पुलिस अधीक्षक राजेंद्र यादव का कहना है कि कई मामलों में विवेचक और गवाह नहीं आ रहे हैं। उनको नोटिस भी दिया गया है। अब विभागीय अधिकारियों को लिखा जाएगा।
सवालों की लिस्ट होती है तैयार
सीबीसीआईडी केस से संबंधित गवाह और विवेचक को अपने कार्यालय में बुलाने से पहले सवालों की पूरी लिस्ट तैयार करती है। जिस व्यक्ति या सरकारी कर्मचारी ने बयान दिया होता है, उसको लेकर सवाल-जवाब किए जाते हैं। कई बार पूर्व में की गई लिखापढ़ी से अलग जवाब मिलते हैं। इस वजह से कई बार पुलिसकर्मी जवाब देने नहीं पहुंचते हैं।
ये भी पढ़ें - UP: एटा सीएमओ और महिला कर्मचारी का कनेक्शन सच या झूठ? सोशल मीडिया पर फजीहत; अब समझौते के प्रयास