भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय
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प्रशासन अपने कर्मों पर डाल रहा पर्दा
स्थानीय प्रशासन की जांच संदिग्ध प्रतीत हो रही है। कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। प्रशासन अपने कर्मों पर पर्दा डाल रहा है। इस मामले में सरकार से बात करेंगे। प्रभावी कार्रवाई का अनुरोध करेंगे। इस जांच से सरकार की छवि नहीं, स्थानीय प्रशासन की छवि धूमिल हुई है।- योगेंद्र उपाध्याय, विधायक व मुख्य सचेतक, विधान मंडल
मरीजों के परिजनों को न्याय मिले
मैं इस जांच से असंतुष्ट हूं। वीडियो में कहा जा रहा है कि ऑक्सीजन नहीं है। प्रशासन कह रहा है ऑक्सीजन की कमी नहीं थी। इसमें गंभीर अनियिमितता हैं। सरकार इस मामले का खुलासा एसआईटी जांच से कराए। जिन मरीजों का देहांत हुआ उनके परिजनों को न्याय मिल सके। - डॉ. आकाश अग्रवाल, सदस्य विधान परिषद
सीबीआई से कराई जाए जांच
22 मरीजों की मौत हुई या नहीं इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। सत्ता के दबाव में जांच की गई है। चिकित्सक के राजनीतिक संबंध हैं। पीड़ितों के बयानों के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होना चाहिए। रिपोर्ट में पीड़ितों के बयानों को अहमियत क्यों नहीं दी गई। -
डॉ. धर्मपाल सिंह, पूर्व विधायक, बसपा
किसी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा
अभी मामले की जांच चल रही है। जांच का अंतिम परिणाम आ जाए तभी हमारा बोलना उचित होगा। प्रशासनिक और पुलिस दोनों जांचें अभी चल रही हैं। मामला बहुत बड़ा है। जांच बिल्कुल निष्पक्ष होगी। हमारी संपूर्ण विषय पर निगाह है। किसी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
- पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक, भाजपा
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