उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने दूसरे कॉरिडोर के ट्रैक का निर्माण कार्य तेज कर दिया है। यमुना के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करते हुए इसे पुराने पुल के नीचे से गुजारा गया है। अब मेट्रो पुल का रास्ता साफ हो गया है। इसके निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अगले साल दिसंबर तक दूसरा कॉरिडोर पूरा हो जाएगा।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि दूसरे कॉरिडोर में वाटर वर्क्स से रामबाग होते हुए यमुना नदी पर 32केवी की लाइन गुजर रही है। ये लाइन यमुना पर मेट्रो के प्रस्तावित नए पुल के तय स्थान पर थी। इससे पुल नहीं बन पा रहा था। हाईटेंशन लाइन को मजबूत केबल के जरिये बायीं ओर मोड़ते हुए पुराने पुल के नीचे से गुजारा गया है। ये कार्य पूरा होने से मेट्रो पुल बनाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
इसी ट्रैक पर मंडी समिति पर 133केवी की लाइन को 26 मीटर से अधिक ऊंचा किया जाएगा। इसको सिंगल पिलर पर ऊंचा करने के बाद मेट्रो ट्रैक का निर्माण होगा। इसकी भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले दो महीने में इसको ऊंचा करने का कार्य शुरू हो जाएगा। लाइन के ऊंचा होने से ट्रैक बनाने का कार्य में तेजी आएगी और अगले साल दिसंबर तक यह ट्रैक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद लोग आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मेट्रो में सफर कर सकेंगे। शहर में यातायात बेहतर हो जाएगा और जाम की परेशानी से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।
दो चरणों में पूरा होगा दूसरा कॉरिडोर
मेट्रो ट्रेन का दूसरा ट्रैक आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है। इसकी दूरी करीब 16 किलोमीटर है और इसमें 14 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसका कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज और दूसरे चरण में आगरा कॉलेज से कालिंदी विहार तक एलिवेटेड ट्रैक बन रहा है। दो कंपनियां निर्माण कर रही हैं। इससे कार्य तय समय में पूरा हो जाएगा।
दूसरे काॅरिडोर के स्टेशन
आगरा कैंट, सदर बाजार, प्रतापपुरा, कलेक्ट्रेट, आगरा कॉलेज, हरीपर्वत, संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज, कमला नगर, रामबाग, फाउंड्री नगर, आगरा मंडी और कालिंदी विहार।