आगरा में मेट्रो निर्माण का काम तेज गति के साथ किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने आठ महीने से भी कम वक्त में 100 पाइलकैप (पिलर का आधार) का निर्माण पूरा कर लिया है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने इस उपलब्धि के लिए आगरा मेट्रो की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आगरा मेट्रो की टीम ने रिकॉर्ड समय में 100 पाइलकैप, 550 पाइल एवं 62 पीयर का निर्माण पूरा किया है।
यूपी मेट्रो के एमडी कुमार केशव ने कहा कि आगरा मेट्रो द्वारा प्राथमिक कॉरिडोर में वायाडक्ट के साथ ही स्टेशन परिसर के निर्माण का तेज गति के साथ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एलिवेटेड भाग के दो स्टेशन ताज पूर्वी गेट एवं बसई आकार लेने लगे हैं, इन दोनों स्टेशनों के लिए हॉरिजोंटल बीम का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ताज पूर्वी गेट से लेकर फतेहाबाद मार्ग तक पाइलिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
ताज पूर्वी गेट से जामा मस्जिद के बीच बन रहे प्राथमिक कॉरिडोर के एलिवेटेड भाग में कुल 687 पाइल, 171 पाइलकैप एवं 171 पीयर का निर्माण किया जाना है, जिसमें से यूपी मेट्रो ने अब तक 550 पाइल, 100 पाइलकैप एवं 62 पाइल का निर्माण पूरा कर लिया है। इसके साथ ही कास्टिंग यार्ड में अब तक 17 पीयर कैप व डबल टी गर्डर की कास्टिंग का काम पूरा कर लिया गया है।
7 दिसंबर 2020 को हुआ था प्रोजेक्ट का शुभारंभ
7 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से आगरा मेट्रो निर्माण परियोजना का शुभारंभ किया गया था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे थे।
- 07 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से आगरा मेट्रो निर्माण परियोजना का शुभारंभ
- 07 दिसंबर 2020 से पाइलिंग कार्य की शुरुआत हुई, 230 दिनों में 550 पाइल बनकर तैयार
- 01 फरवरी 2021 को पहली पाइलकैप का निर्माण, 174 दिनों में 100 पाइल का निर्माण हुआ पूरा
- 15 फरवरी को पहले पीयर (पिलर) का निर्माण प्रारंभ, 160 दिनों में 62 पीयर बनकर तैयार
गौरतलब है कि आगरा में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कुल 27 स्टेशन होंगे। 14 किमी लंबे प्रथम कॉरिडोर का निर्माण ताज पूर्वी गेट से सिकंदरा के बीच किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 6 एलिवेटेड, जबकि 7 भूमिगत स्टेशन होंगे।
वहीं, आगरा कैंट से कालिंदी विहार के मध्य लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर में 14 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिसके सभी स्टेशन एलिवेटेड होंगे।